हाईलाइट्स:
- दौड़ रहे हैं 'यमदूत': रेवती-बैरिया मार्ग पर मिट्टी खनन में लगे एक दर्जन से अधिक ट्रैक्टरों की तेज रफ्तार से हर पल बनी रहती है भीषण हादसे की आशंका।
- कम उम्र के अप्रशिक्षित चालक: पूर्व प्रधान विनय राजभर का बड़ा आरोप— ट्रैक्टरों के स्टीयरिंग पर बैठे हैं नाबालिग और अप्रशिक्षित चालक, हनुमान मंदिर तिराहे पर नहीं कम होती स्पीड।
- पुलिस की खामोशी पर सवाल: स्थानीय जनता और राहगीरों ने कहा— अगर स्थानीय पुलिस ने बेलगाम ट्रैक्टरों पर नहीं लगाया विधिक अंकुश, तो कभी भी हो सकता है बड़ा खूनी खेल।
रेवती/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत रेवती-बैरिया मुख्य मार्ग पर इन दिनों अवैध व अनियंत्रित मिट्टी खनन के कारोबार ने आमजन और राहगीरों का सड़क पर चलना मुहाल कर दिया है। मिट्टी की ढुलाई में लगे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की बेलगाम और अंधाधुंध रफ्तार के चलते इस अति-व्यस्ततम मार्ग पर हर पल किसी बड़े और विधिक हादसे की आशंका बनी रहती है। मुख्य मार्ग के सबसे संवेदनशील हनुमान मंदिर तिराहे पर भी इन ट्रैक्टर चालकों द्वारा गति कम न किए जाने के कारण स्कूली छात्र-छात्राएं, महिलाएं और राहगीर रोज सहमे-सहमे सा सफर तय करने को विधिक रूप से मजबूर हैं।
हनुमान मंदिर तिराहे पर दिन-रात रफ्तार का जानलेवा खेल
प्राप्त जमीनी और विधिक विवरण के अनुसार, क्षेत्र में चल रहे बड़े पैमाने पर मिट्टी खनन के कार्य में लगभग दर्जन भर से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सुबह से लेकर देर शाम तक दिनभर लगातार चक्कर काटती हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि खनन माफिया के ये वाहन सड़कों पर यातायात नियमों को पूरी तरह ताक पर रखकर दौड़ते हैं। सबसे खराब स्थिति हनुमान मंदिर तिराहे की है, जहां मोड़ होने के बावजूद ये चालक अपने वाहनों की स्पीड कम करने के बजाय और तेज गति से ट्रैक्टर निकालते हैं। इस खतरनाक ड्राइविंग की वजह से पूर्व में भी कई छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं विधिक रूप से घटित हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
नाबालिगों के हाथ में भारी वाहनों का स्टीयरिंग, पूर्व प्रधान ने जताई विधिक चिंता
इस गंभीर मामले को लेकर पूर्व प्रधान विनय राजभर ने टुडे९ उत्तरप्रदेश से बातचीत के दौरान गहरी विधिक और सामाजिक चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि मिट्टी खनन में लगे इन ट्रैक्टरों को चलाने वाले अधिकांश चालक कम उम्र के (नाबालिग) और पूरी तरह से अप्रशिक्षित हैं, जिनके पास न तो कोई वैध विधिक कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस है और न ही भारी वाहन चलाने का कोई अनुभव। इन अप्रशिक्षित युवकों के हाथों में भारी-भरकम ट्रैक्टर थमाकर खनन संचालक आम जनता की जान को सीधे तौर पर विधिक जोखिम में डाल रहे हैं।
स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता पर भड़की जनता, बड़े विधिक एक्शन की मांग
सड़क पर चलने वाले स्थानीय राहगीरों और प्रबुद्ध नागरिकों का स्पष्ट विधिक रूप से कहना है कि यदि रेवती थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने इन तेज रफ्तार ट्रैक्टर चालकों और अवैध खनन में संलिप्त माफियाओं पर तत्काल कोई विधिक व कठोर दंडात्मक अंकुश नहीं लगाया, तो इस मार्ग पर किसी दिन कोई बहुत बड़ी और हृदयविदारक विधिक दुर्घटना घटित हो सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी। क्षेत्र की जनता ने जिलाधिकारी और आरटीओ विभाग से इस मार्ग पर तत्काल सघन विधिक चेकिंग अभियान चलाकर ओवरस्पीडिंग करने वाले वाहनों को सीज करने की पुरजोर मांग की है।
रिपोर्ट :- महेश कुमार टुडे९ उत्तरप्रदेश ब्यूरो, बलिया
