हाईलाइट्स:
- सपनों को मिले नए पंख: संसाधनों की कमी से जूझ रहे सलेमपुर के होनहार निशानेबाज अर्राफ अली के सारथी बने सूबे के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह।
- विश्व स्तरीय संसाधन: १२ वर्षीय होनहार खिलाड़ी को मंत्री ने उपहार स्वरूप प्रदान की करीब ३.५ लाख रुपए मूल्य की अत्याधुनिक 'जर्मन मेड स्टेयर राइफल'।
- मजहब नहीं, हुनर सर्वोपरि: भाजपा नेताओं और स्थानीय नागरिकों ने इस कदम को बताया साम्प्रदायिक सौहार्द, एकता और 'खेलो इंडिया' विजन की अनुपम मिसाल।
बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): कहते हैं कि प्रतिभा किसी विधिक परिचय या संसाधनों की मोहताज नहीं होती, लेकिन सही समय पर सही मार्गदर्शन और संसाधन मिल जाएं तो वह वैश्विक क्षितिज पर देश का नाम रोशन कर सकती है। उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद में सूबे के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक बेहद सराहनीय और दूरदर्शी विधिक मिसाल पेश की है। मंत्री दयाशंकर सिंह ने जनपद के एक १२ वर्षीय अत्यंत प्रतिभावान और होनहार निशानेबाज (शूटर) अर्राफ अली के ओलंपिक में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने के सपने को नई उड़ान देते हुए उसे करीब ३.५ लाख रुपए की अत्याधुनिक जर्मन मेड स्टेयर राइफल (German-made Steyr Rifle) विधिक रूप से भेंट की है।
संसाधनों के अभाव में टूट रही थी अर्राफ की फ्रीक्वेंसी, पिता ने २ साल पहले की थी मांग
प्राप्त आधिकारिक व विधिक विवरण के अनुसार, बलिया जनपद के सलेमपुर गांव के मूल निवासी अर्राफ अली बचपन से ही शूटिंग के क्षेत्र में गजब की रुचि रखते हैं। वर्तमान में सेंट थॉमस स्कूल में नौवीं कक्षा के छात्र अर्राफ ने अपनी अद्भुत एकाग्रता के दम पर बेहद छोटी उम्र में ही स्टेट लेवल (राज्य स्तर) और नॉर्थ जोन शूटिंग प्रतियोगिता तक अपनी विधिक पहचान स्थापित कर ली थी। हालांकि, एक बेहतरीन खिलाड़ी होने के बावजूद उनके पास मौजूद साधारण भारतीय राइफल के कारण उनका प्रदर्शन उस स्तर का नहीं हो पा रहा था, जिसकी तकनीकी रूप से आवश्यकता थी। अर्राफ के पिता शौकत अली ने बताया कि पुरानी राइफल की तकनीकी फ्रीक्वेंसी और क्वालिटी कम होने के कारण अर्राफ को मुख्य टारगेट हिट करने में भारी विधिक व व्यावहारिक समस्या आ रही थी। अर्राफ के पिता ने लगभग दो वर्ष पूर्व परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और उनके भाई धर्मेंद्र सिंह से इस संबंध में विधिक सहयोग का निवेदन किया था, जिसे मंत्री जी ने आज सहृदयता से पूरा कर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी के 'खेलो इंडिया' विजन को धरातल पर उतार रहा यह कदम
जब अर्राफ अली की इस बेजोड़ खेल प्रतिभा की विधिक जानकारी परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह को हुई, तो उन्होंने बिना किसी प्रशासनिक विलंभ के इस बाल खिलाड़ी को प्रोत्साहित करने का विधिक निर्णय लिया। एक आयोजित गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने अर्राफ को जर्मनी की यह अत्याधुनिक राइफल सौंपी। इस पावन अवसर पर पूर्व नगर महामंत्री अनिल सिंह ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि यह विधिक कदम देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'खेलो इंडिया, बढ़ो इंडिया' के संकल्प को धरातल पर जीवंत करने जैसा है। उन्होंने विशेष जोर देते हुए कहा कि खेल और प्रतिभा का सम्मान करते समय राजनीति, पार्टी या मजहब का कोई स्थान नहीं होता; जो भी भारत का होनहार युवा है, वह राष्ट्र की विधिक धरोहर है।
अब नई राइफल से ओलंपिक में 'गोल्ड' पर ही होगा विधिक निशाना: अर्राफ
अत्याधुनिक और विश्व स्तरीय जर्मन राइफल को अपने हाथों में पाकर बाल शूटर अर्राफ अली का उत्साह और आत्मविश्वास सातवें आसमान पर नजर आया। अर्राफ ने टुडे९ उत्तरप्रदेश से अपनी खुशी साझा करते हुए कहा, "पहले वाली राइफल से परफार्मेंस तकनीकी रूप से सटीक नहीं हो पा रही थी, लेकिन अब मुझे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी वास्तविक विधिक प्रतिभा दिखाने का एक बेहतरीन मौका मिला है। अब मेरा एकमात्र विधिक लक्ष्य ओलंपिक खेलों में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतकर भारत और बलिया का नाम पूरे विश्व में रोशन करना है।"
बलिया की गंगा-जमुनी तहजीब और साम्प्रदायिक सद्भाव की बनी मिसाल
इस विधिक व सराहनीय सहयोग के बाद पूरे क्षेत्र के स्थानीय नागरिकों, खेल प्रेमियों और भाजपा नेताओं ने इसे बलिया की पावन गंगा-जमुनी तहजीब, साम्प्रदायिक सद्भाव और सामाजिक एकता की एक बहुत बड़ी मिसाल के रूप में सराहा है। प्रबुद्ध वर्ग का कहना है कि एक मुस्लिम बच्चे के हुनर को पहचान कर उसे इस स्तर के विश्व स्तरीय विधिक संसाधन उपलब्ध कराना यह सिद्ध करता है कि समर्थ और प्रतिभाशाली युवाओं के आगे बढ़ने में अब कोई भी रुकावट आड़े नहीं आने दी जाएगी। अर्राफ के पूरे परिवार ने इस संवेदनशीलता के लिए परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और उनके भाई धर्मेंद्र सिंह का सहृदय आभार व्यक्त किया है।
