हाईलाइट्स:
- हृदयविदारक हादसा: सिकन्दरपुर थाना क्षेत्र के डूहा बिहरा गांव में हैंडपंप से पानी भरने के दौरान फैला करंट; मां-बेटी की गई जान।
- बचाने में गई बेटी की जान: करंट की चपेट में आई मां बीना सिंह को तड़पता देख बचाने दौड़ी २० वर्षीय बेटी काजल भी हुई हादसे का शिकार।
- शादी की खुशियां मातम में बदली: मृतका काजल की आगामी ९ फरवरी को तय थी शादी; परिवार में मची चीख-पुकार, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए।
सिकन्दरपुर/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत सिकन्दरपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद और दिल को झकझोर देने वाली हृदयविदारक घटना सामने आई है। डूहा बिहरा गांव में घर के पास लगे हैंडपंप से पानी भरने के दौरान अचानक उतरे तेज करंट की चपेट में आने से मां और बेटी की दर्दनाक विधिक मौत हो गई। मां को तड़पता देख बचाने दौड़ी बेटी भी इस जानलेवा करंट की विधिक जद में आ गई। दोनों को गंभीरावस्था में स्थानीय नागरिकों द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सिकंदरपुर पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें विधिक रूप से मृत घोषित कर दिया। इस भीषण हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है, वहीं पीड़ित परिवार की खुशियां पल भर में कभी न भूलने वाले गम में तब्दील हो गई हैं।
वाटर पंप के कारण हैंडपंप में आया करंट, छोटी बेटी के शोर मचाने पर दौड़े ग्रामीण
प्राप्त आधिकारिक व विधिक विवरण के अनुसार, डूहा बिहरा गांव निवासी राकेश सिंह की पत्नी बीना सिंह (उम्र ४५ वर्ष) सोमवार की शाम अपने घर के पास लगे हैंडपंप से पानी भर रही थीं। हैंडपंप में पानी खींचने के लिए एक इलेक्ट्रिक वाटर पंप (टिल्लू पंप) लगा हुआ था। दुर्भाग्यवश, बिजली के तारों में शॉर्ट-सर्किट या लीकेज के कारण पूरे हैंडपंप में तेज करंट उतर आया, जिसकी विधिक चपेट में बीना सिंह आ गईं। मां को तड़पता देख उनकी २० वर्षीय बेटी काजल बिना सोचे-समझे मां को बचाने के लिए दौड़ी, लेकिन वह भी उसी विधिक करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गई। यह खौफनाक मंजर देखकर घर की छोटी बेटी सुमन ने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू किया, जिसके बाद मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए और किसी तरह मुख्य बिजली आपूर्ति को बंद कर मां-बेटी को करंट से विधिक रूप से अलग किया।
९ फरवरी को आनी थी बारात, तैयारियों के बीच पसरा सन्नाटा
इस विधिक हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मृतका काजल की शादी आगामी ९ फरवरी को निर्धारित थी। घर-परिवार में शादी के कार्ड बांटने, खरीदारी करने और उत्सव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं। पूरा परिवार और सगे-संबंधी मंगल गीतों की तैयारी में जुटे थे, लेकिन विधाता के क्रूर विधिक विधान ने शादी की शहनाइयों वाले घर में करूण-क्रंदन और चीत्कार भर दिया। मां-बेटी की एक साथ अर्थी उठने की खबर से पूरे गांव के लोगों की आंखें नम हैं और किसी के घर में चूल्हा तक नहीं जला है।
पुलिस ने शवों को विधिक पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा
हादसे की विधिक सूचना मिलते ही सिकंदरपुर थाना पुलिस की टीम तत्काल अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को अपनी विधिक अभिरक्षा में लेते हुए कागजी औपचारिकताएं पूरी कीं और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल बलिया भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी तरह से एक दुर्घटना है, फिर भी मामले की विधिक छानबीन की जा रही है।
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