हाईलाइट्स:
- पुलिस की बड़ी कामयाबी: मऊ पुलिस कप्तान के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोपागंज पुलिस को मिली सफलता।
- रेलवे स्टेशन के पास घेराबंदी: 24 वर्षीय वांछित आरोपी सत्य प्रकाश को सोमवार की सुबह इन्द्रारा रेलवे स्टेशन के पास से किया गया गिरफ्तार।
- पॉक्सो व बीएनएस की संगीन धाराएं: आरोपी पर कोपागंज थाने में दर्ज है दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट का मुकदमा; कानूनी कार्रवाई के बाद भेजा गया जेल।
कोपागंज/मऊ (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ और वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे कड़े अभियान के तहत कोपागंज थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए दुष्कर्म और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के संगीन मामले में काफी दिनों से फरार चल रहे एक मुख्य वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विधिक प्रक्रिया पूरी कर उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
इन्द्रारा रेलवे स्टेशन के पास से दबोचा गया आरोपी
प्राप्त विवरण के अनुसार, मऊ पुलिस अधीक्षक (SP) के कुशल निर्देशन और क्षेत्राधिकारी के पर्यवेक्षण में कोपागंज थाना पुलिस क्षेत्र में शांति व्यवस्था और वांछितों की तलाश में मुस्तैद थी। इसी क्रम में सोमवार, दिनांक 16 जून 2026 को सुबह करीब 9:30 बजे पुलिस टीम को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि संबंधित मामले का आरोपी कहीं भागने की फिराक में स्टेशन के पास खड़ा है। सूचना पर तत्काल एक्शन लेते हुए कोपागंज पुलिस ने इन्द्रारा रेलवे स्टेशन के पास घेराबंदी कर आरोपी को धर दबोचा।
पुलिस गिरफ्त में आए अभियुक्त की पहचान सत्य प्रकाश (उम्र करीब 24 वर्ष) पुत्र रामजन्म, निवासी ग्राम- खालिसपुर, थाना सराय लखन्सी, जनपद मऊ के रूप में हुई है।
दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज है मुकदमा
कोपागंज पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, गिरफ्तार किया गया आरोपी सत्य प्रकाश कोपागंज थाने में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 147/2026 के तहत वांछित चल रहा था। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 64(1) [दुष्कर्म], 352, 351(3) और बेहद सख्त 3/4 पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत गंभीर व गैर-जमानती धाराओं में अभियोग पंजीकृत था। वारदात के बाद से ही आरोपी पुलिस की आंखों में धूल झोंककर लगातार फरार चल रहा था।
कोपागंज थाना पुलिस ने आरोपी सत्य प्रकाश को कड़े पहरे में थाने लाकर अग्रिम कागजी व आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी की। इसके बाद उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अपराधियों और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ यह सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
