हाईलाइट्स:
- नया और खतरनाक खेल: शादी-ब्याह के सीजन में व्हाट्सएप पर डिजिटल इनविटेशन कार्ड के नाम पर संदिग्ध APK फाइल भेज रहे ठग।
- बलिया में दो शिकार: सिकंदरपुर के मुड़ियापुर और मिल्की मोहल्ले के दो व्यक्तियों के खातों से उड़ाए कुल 1.87 लाख रुपये।
- क्राइम इंस्पेक्टर की चेतावनी: किसी भी अनजान नंबर से आए शादी के कार्ड वाले लिंक या फाइल को भूलकर भी न करें डाउनलोड; फोन हो रहा हैक।
सिकंदरपुर/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद में साइबर अपराधियों ने अब आम जनता की खुशियों और पारिवारिक भावनाओं को अपना नया हथियार बना लिया है। शादियों के इस सीजन में साइबर ठगों ने लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने का एक बेहद शातिर और खतरनाक तरीका ईजाद किया है। अब व्हाट्सएप पर 'डिजिटल वेडिंग कार्ड' (Digital Wedding Card) के नाम पर भेजे जा रहे संदिग्ध APK लिंक और फाइलें लोगों के बैंक खातों को पल भर में खाली कर रही हैं। बलिया के सिकंदरपुर क्षेत्र में इस नए किस्म की जालसाजी ने दो लोगों को अपना शिकार बनाते हुए उनके खातों से कुल 1.87 लाख रुपये पार कर दिए हैं।
'भाई की शादी का कार्ड जरूर देखें'... ऐसे जाल में फंसा रहे ठग
साइबर अपराधी व्हाट्सएप पर बेहद ही कूटनीतिक और शातिर तरीके से मैसेज भेजते हैं। इस संदेश में लिखा होता है— "मेरे भाई की शादी का कार्ड जरूर देखें" या "विवाह समारोह में आपको सादर आमंत्रण है"। इस संदेश के साथ नीचे एक डॉक्युमेंट या APK फाइल (एक प्रकार का मोबाइल एप्लीकेशन फॉर्मेट) जुड़ी होती है।
जैसे ही कोई पीड़ित कार्ड देखने की उत्सुकता या अपनों का आमंत्रण समझकर उस फाइल पर क्लिक करता है या उसे डाउनलोड करता है, उसका पूरा मोबाइल फोन बैकएंड से हैकरों के पूर्ण नियंत्रण (कंट्रोल) में चला जाता है। पीड़ित को स्क्रीन पर लगता है कि फाइल खुल रही है, लेकिन वास्तव में बैकग्राउंड में ठग उसके मोबाइल के बैंकिंग ऐप्स, यूपीआई (UPI) और गोपनीय पासवर्ड का एक्सेस हासिल कर बैंक खाता साफ कर देते हैं।
सिकंदरपुर के दो ग्रामीणों को लगा 1.87 लाख का चूना
इस नए स्कैम के शिकार सिकंदरपुर क्षेत्र के दो लोग बने हैं, जिनकी गाढ़ी कमाई ठगों ने चंद मिनटों में उड़ा दी:
- पहला मामला: सिकंदरपुर के मुड़ियापुर निवासी सिरज्जुद्दीन को व्हाट्सएप पर ऐसा ही एक डिजिटल निमंत्रण मिला। उन्होंने जैसे ही फाइल को खोला, उनके बैंक खाते से तीन किश्तों में कुल 97,472 रुपये गायब हो गए।
- दूसरा मामला: मोहल्ला मिल्की के रहने वाले शकील अहमद के फोन पर भी शादी के कार्ड के नाम पर लिंक आया। लिंक खोलते ही उनका फोन पूरी तरह हैक हो गया और उनके खाते से 90,054 रुपये कट गए।
दोनों पीड़ितों ने तत्काल सिकंदरपुर थाने में मामले की लिखित तहरीर दी है, जिसके बाद पुलिस महकमे और साइबर सेल में हड़कंप मच गया है।
क्राइम इंस्पेक्टर चंद्रशेखर यादव ने जारी की एडवायजरी: बरतें ये सावधानियां
इस गंभीर ठगी के सामने आने के बाद सिकंदरपुर के क्राइम इंस्पेक्टर चंद्रशेखर यादव ने जनता को सचेत करते हुए कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी अब लोगों के पारिवारिक रिश्तों और सामाजिक भावनाओं का गलत फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से निम्नलिखित बातें साझा की हैं:
- अनजान फाइलों से दूरी: किसी भी अनजान या गैर-भरोसेमंद नंबर से आए व्हाट्सएप मैसेज, APK फाइल या लिंक को कभी भी ओपन या डाउनलोड न करें।
- शादी का कार्ड केवल फोटो/PDF में: असली डिजिटल कार्ड अमूमन फोटो (JPEG) या PDF फॉर्मेट में होते हैं, वे कभी भी .apk फाइल एक्सटेंशन में नहीं होते।
- गोपनीयता रखें बरकरार: अपना ओटीपी (OTP), यूपीआई पिन (UPI PIN) और नेट बैंकिंग पासवर्ड कभी भी किसी के साथ साझा न करें।
पुलिस ने जनता से अपील की है कि डिजिटल युग में थोड़ी सी असावधानी और उत्सुकता आपको बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए पूरी तरह सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध संदेश पर भरोसा न करें।
