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बलिया: फेफना सहित दर्जनों गांवों में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम; युवाओं ने दिखाए हैरतअंगेज करतब, बलेजी मेले में उमड़ी भीड़


 

हाईलाइट्स:

  • पारंपरिक ताजिया जुलूस: चिलचिलाती धूप के बीच फेफना और आसपास के ग्रामीण अंचलों में पूरी आस्था, श्रद्धा और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ मोहर्रम पर्व।
  • हैरतअंगेज करतब और सेवा: मातमी जुलूस में मुस्लिम युवाओं ने दिखाए अखाड़े के हैरतअंगेज करतब; लडू अंसारी द्वारा जायरीनों के लिए ठंडे शरबत की विधिक व सामाजिक व्यवस्था।
  • मुस्तैद रहा प्रशासन: थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय के नेतृत्व में पुलिस बल ने क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर विधिक सुरक्षा व शांति व्यवस्था बनाए रखी; बलेजी मेले में उमड़ा जनसैलाब।

फेफना/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत फेफना स्थानीय थाना क्षेत्र में शुक्रवार २६ जून २०२६ को मोहर्रम का पावन पर्व पूरी श्रद्धा, अकीदत, आस्था और आपसी सौहार्द के बीच विधिक व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना कस्बे सहित आसपास के तमाम ग्रामीण इलाकों में पारंपरिक व भव्य ताजिया जुलूस निकाला गया। इस दौरान कर्बला के शहीदों और हजरत इमाम हुसैन की शहादत को शिद्दत से याद करते हुए मातमी दस्तों ने ढोल, नोहा-ख्वानी और मातम के जरिए उन्हें अपनी भावभीनी और विधिक श्रद्धांजलि अर्पित की।

करतबों ने खींचा ध्यान, लडू अंसारी ने की ठंडे शरबत की विधिक व्यवस्था

​फेफना मुख्य कस्बे में निकाले गए मुख्य मातमी जुलूस के दौरान विधिक रूटों का पालन करते हुए मुस्लिम समुदाय के जांबाज युवाओं ने लाठी-डंडों और पारंपरिक हथियारों से विभिन्न प्रकार के हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसे देखकर मौके पर मौजूद प्रबुद्ध नागरिक दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हो गए। भीषण तपन को देखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता लडू अंसारी के द्वारा जुलूस में शामिल अकीदतमंदों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की बेहद सराहनीय और विधिक व्यवस्था की गई थी। जुलूस अपने निर्धारित विधिक मार्गों से शांतिपूर्वक गुजरते हुए स्थानीय कर्बला पहुंचा, जहां पूरी विधिक व धार्मिक रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

दर्जनों गांवों में सकुशल संपन्न हुआ पर्व, बलेजी मेले का लोगों ने उठाया लुत्फ

​फेफना के अलावा क्षेत्र के तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया तथा मिढ्ढा आदि दर्जनों गांवों में भी मोहर्रम का त्योहार पूरी तरह शांतिपूर्ण और विधिक ढंग से संपन्न हुआ। पूरे क्षेत्र में विधिक कानून-व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय भारी पुलिस बल के साथ लगातार संवेदनशील चौराहों और मार्गों का भ्रमण करते रहे और सुरक्षा व्यवस्था पर पैनी नजर बनाए रखी।

​मोहर्रम की सभी विधिक रस्में सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोगों और ग्रामीणों ने बलेजी गांव में सजे पारंपरिक मेले का जमकर आनंद लिया। मेले में आपसी भाईचारे की अद्भुत मिसाल देखने को मिली। प्रबुद्ध ग्रामीणों ने टुडे९ उत्तरप्रदेश से बात करते हुए कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं है, बल्कि यह पूरी मानवता को इंसानियत, त्याग, सत्य, न्याय और विधिक कुर्बानी का संदेश देने वाला महान अवसर है, जो समाज में आपसी भाईचारे, एकता और सांप्रदायिक सौहार्द की भावना को और अधिक प्रगाढ़ व मजबूत करता है।

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