हाईलाइट्स:
- बिजली संकट से राहत: दुबहड़ उपकेंद्र के ११ केवी सहरसपाली फीडर का अत्यधिक लोड ११ केवी जनाड़ी फीडर पर स्थानांतरित; क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति हुई सुचारू।
- डीएम की कड़ी समीक्षा: जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कलेक्ट्रेट में बिजली विभाग के आलाधिकारियों के साथ की बैठक; लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी।
- फीडबैक लेने का आदेश: शिकायत निस्तारण के बाद उपभोक्ताओं को फोन कर लिया जाएगा फीडबैक; कंट्रोल रूम की शिकायतों को तत्काल दूर करने के निर्देश।
बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत दुबहड़ क्षेत्र के ग्रामीणों और बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद राहत भरी और अच्छी खबर सामने आई है। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की विशेष पहल और कड़े रुख के बाद दुबहड़ बिजलीघर से जुड़ी लो-वोल्टेज और अघोषित कटौती की समस्या को पूरी तरह से दूर कर दिया गया है। मंगलवार २३ जून २०२६ को कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय कक्ष में विद्युत विभाग के शीर्ष अधिकारियों के साथ आयोजित एक उच्चस्तरीय विधिक समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने जिले की बिजली व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ व पारदर्शी बनाने के लिए कई कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
सहरसपाली फीडर का लोड जनाड़ी पर शिफ्ट, सुधरी बिजली
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य रूप से दुबहड़ उपकेंद्र से जुड़ी बिजली की समस्याओं पर गहनता से चर्चा हुई। विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंताओं ने जिलाधिकारी को विधिक रूप से अवगत कराया कि दुबहड़ उपकेंद्र से निकलने वाले ११ केवी (11 KV) पोषक सहरसपाली फीडर पर लंबे समय से अत्यधिक ओवरलोडिंग (भार) की समस्या बनी हुई थी, जिसके कारण बार-बार ट्रिपिंग और अघोषित कटौती हो रही थी। इस समस्या को तकनीकी रूप से दूर करते हुए सहरसपाली फीडर के अतिरिक्त लोड को दूसरे ११ केवी पोषक जनाड़ी फीडर पर सफलतापूर्वक स्थानांतरित (शिफ्ट) कर दिया गया है। इस लोड शेडिंग और शिफ्टिंग के बाद दुबहड़ क्षेत्र में बिजली आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और बेहतर हो गई है।
शिकायत दूर होने के बाद उपभोक्ताओं से फोन पर लिया जाएगा फीडबैक
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को पूरी तरह उपभोक्ता-केंद्रित बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि जनहित से जुड़ी उपभोक्ताओं की सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
डीएम ने एक नई और पारदर्शी व्यवस्था लागू करते हुए कहा, "शिकायतों के समाधान के बाद संबंधित विभागीय अधिकारी अनिवार्य रूप से पीड़ित उपभोक्ताओं से सीधे फोन पर संपर्क स्थापित करेंगे और उनका फीडबैक (Feedback) दर्ज करेंगे। इससे धरातल पर कार्यों की गुणवत्ता और उपभोक्ता संतुष्टि का वास्तविक आकलन किया जा सकेगा।"
तय समय में बदले जाएं खराब ट्रांसफार्मर, लापरवाही पर बरतेगी सख्ती
बैठक में जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम के संचालन को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने दो टूक शब्दों में निर्देशित किया कि विभागीय कंट्रोल रूम से प्राप्त होने वाली हर छोटी-बड़ी शिकायत का तत्काल तय समय सीमा के भीतर निस्तारण किया जाए, इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा, ग्रामीण और शहरी अंचलों में क्षतिग्रस्त या फुके हुए विद्युत परिवर्तकों (ट्रांसफार्मरों) को शासन द्वारा निर्धारित समय के भीतर ही बदलने की पुख्ता व्यवस्था की जाए, जिससे भीषण उमस के इस मौसम में आम जनमानस को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं विधिक बैठक में मुख्य अभियंता (वितरण) आजमगढ़ क्षेत्र सहित जनपद बलिया के सभी अधिशासी अभियंता (XEN), उपखण्ड अधिकारी (SDO) और कनिष्ठ अभियंता मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

