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बलिया: कोटवां-नारायनपुर में गंगा तट की क्षतिग्रस्त ठोकर को लेकर डीएम मंगला प्रसाद सिंह सख्त; पूर्व मंत्री नारद राय की पहल पर मरम्मत के दिए निर्देश


 हाईलाइट्स:

• मंडराया बाढ़ का खतरा: फेफना विधानसभा क्षेत्र के कोटवां-नारायनपुर में गंगा नदी की सुरक्षात्मक पिचिंग और ठोकर टूटने से सैकड़ों किसानों की सांसें अटकीं।

• पूर्व मंत्री का कड़ा रुख: पीड़ितों की पीड़ा को लेकर पूर्व मंत्री नारद राय के नेतृत्व में जिले के आला अधिकारियों और बीजेपी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल डीएम से मिला।

• मौके पर एक्शन: जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने फोन पर बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता संजय मिश्रा को तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर प्रस्ताव भेजने का दिया अल्टीमेटम।

फेफना/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत फेफना विधानसभा क्षेत्र के कोटवां-नारायनपुर गांव से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और बरसात के मौसम की दस्तक के बीच तटीय इलाके में स्थित सुरक्षात्मक 'पोस्ता' और ठोकर (Spur) के क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों पर कटान और बाढ़ का भारी खतरा मंडराने लगा था। इस गंभीर जनसमस्या को लेकर पूर्व मंत्री नारद राय के नेतृत्व में क्षेत्र के सैकड़ों किसानों और गणमान्य नागरिकों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी बलिया मंगला प्रसाद सिंह से मुलाकात की। डीएम ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल विभागीय अधिकारियों की क्लास लगाई और युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।

स्व. गौरी भइया की ऐतिहासिक धरोहर रखरखाव के अभाव में हुई जर्जर

कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी को पत्र सौंपते हुए स्थानीय ग्रामीणों और किसानों ने बताया कि पूर्ववर्ती कार्यकाल में क्षेत्र के कद्दावर नेता स्वर्गीय गौरी भइया (गौरीशंकर राय) की विशेष पहल पर गंगा नदी के भीषण कटान से फेफना क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए लगभग 5 किलोमीटर लंबी बोल्डर पिचिंग और विशाल ठोकर का निर्माण कराया गया था। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर विभागीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बीते कुछ वर्षों से उचित रखरखाव और मरम्मत न होने के कारण यह सुरक्षात्मक संरचना जगह-जगह से टूटकर क्षतिग्रस्त हो गई है। नदी का रुख गांव की तरफ होने से बरसात के दिनों में उपजाऊ जमीनों के नदी में विलीन होने का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया है।

डीएम ने फोन पर अधिशासी अभियंता संजय मिश्रा को दिए कड़े निर्देश

बाढ़ के मुहाने पर खड़े सैकड़ों किसानों और क्षेत्रवासियों की इस गंभीर पीड़ा को जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बेहद संजीदगी से सुना। उन्होंने बिना एक पल गंवाए तत्काल मौके से ही अधिशासी अभियंता सिंचाई (बाढ़ खंड) संजय मिश्रा को दूरभाष (फोन) पर लाइन पर लिया। डीएम ने उन्हें सख्त लहजे में निर्देशित किया कि वे आज ही अपनी तकनीकी टीम के साथ कोटवां-नारायनपुर गंगा तट का स्थलीय निरीक्षण करें और कटान को रोकने के लिए क्षतिग्रस्त ठोकर की मरम्मत का विस्तृत एस्टीमेट व प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजें, ताकि समय रहते काम पूरा किया जा सके।

प्रतिनिधिमंडल में सत्ता और विपक्ष के नेता रहे एक साथ मौजूद

क्षेत्र की इस साझी और बड़ी समस्या के समाधान के लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर नेता एकजुट नजर आए। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मंत्री नारद राय के साथ मुख्य रूप से पूर्व प्रमुख शारदानन्द राय (लूटुर राय), शंकर राय, संतोष राय सीपू, अमरनाथ राय, बघौना के ग्राम प्रधान मनोज राय, वीरेंद्र राय (करनाई), विनोद राय के साथ-साथ भाजपा नेता अंजनी कुमार उपाध्याय, जनार्दन पाण्डेय, करुणानिधि पाण्डेय सहित क्षेत्र के सैकड़ों सम्मानित किसान व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी द्वारा मामले का त्वरित संज्ञान लिए जाने, फोन पर ही अधिकारियों को हड़काने और सकारात्मक आश्वासन देने पर पूर्व मंत्री नारद राय और समस्त क्षेत्रवासियों ने डीएम के प्रति खुले दिल से आभार व्यक्त किया। स्थानीय लोगों को पूरी उम्मीद है कि इस कड़े रुख के बाद अब जल्द ही गंगा तट की ठोकर दुरुस्त हो जाएगी और वे कटान के खौफ से मुक्त हो सकेंगे।

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