हाईलाइट्स:
ससुर खदेरी नदी उफान पर: खखरेरू क्षेत्र में लगातार बारिश से ससुर खदेरी नदी नंबर दो उफान पर, रपटा पुल पानी में डूबा।
दर्जन भर गांव कटे: पौली-मजरा गढ़वापर, सधुवापुर, तक्कीपुर और रारी सहित एक दर्जन गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूटा।
कड़ाव बनी सहारा: जान हथेली पर रखकर लोहे की कड़ाव और रस्सी के सहारे नदी पार करने को मजबूर ग्रामीण; एसडीएम ने राजस्व टीम भेजी।
खखरेरू/फतेहपुर (अजहरुद्दीन): जनपद फतेहपुर के खखरेरू थाना क्षेत्र में भारी बारिश के कारण ससुर खदेरी नदी नंबर दो उफान पर आ गई है। नदी का रपटा पुल पूरी तरह जलमग्न हो जाने से पौली-मजरा गढ़वापर सहित आसपास के लगभग एक दर्जन गांवों का तहसील मुख्यालय से सीधा संपर्क टूट गया है। मजबूरी में ग्रामीण जान जोखिम में डालकर लोहे की विशाल कड़ाव (गन्ना पकाने वाली कड़ाव) को नाव बनाकर नदी पार कर रहे हैं।
रस्सी और कड़ाव के सहारे जोखिम भरा सफर
ग्रामीणों ने प्रशासनिक उपेक्षा से तंग आकर गन्ना के रस को पकाने वाली लोहे की कड़ाव को ही नदी पार करने का साधन बना लिया है। नदी के दोनों छोर पर मजबूत रस्सी बांधकर लोग उसी कड़ाव में बैठकर रोजमर्रा के कामों, पौली बाजार और खागा तहसील मुख्यालय जाने के लिए सफर कर रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीण दिनेश निषाद, चंद्रपाल निषाद व छेद्दू निषाद ने बताया कि पुल डूबने से यातायात ठप हो गया है और बच्चों की पढ़ाई व इलाज के लिए जाना बेहद मुश्किल हो गया है। वहीं अंगद यादव, मुराली, अशोक यादव, गंगाराम और हरीश ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि पौली, गढ़वा, सधुवापुर, तक्कीपुर और रारी समेत दर्जनों गांवों की आबादी प्रभावित है, लेकिन अब तक मौके पर कोई वरिष्ठ अधिकारी हाल जानने नहीं पहुंचा।
एसडीएम खागा का वक्तव्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम खागा अश्वनी पाण्डेय ने बताया कि सूचना मिलते ही तहसीलदार और राजस्व टीम को तुरंत मौके पर रवाना कर दिया गया है। ग्रामीणों के सुरक्षित आवागमन की वैकल्पिक व्यवस्था जल्द कराई जा रही है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि जब तक नदी का जलस्तर कम नहीं होता, तब तक जोखिम न उठाएं और सुरक्षित वैकल्पिक रास्तों का ही प्रयोग करें।

