हाईलाइट्स:
चैन स्नैचिंग का खुलासा: स्कूल में एडमिशन के बहाने शिक्षिका से चैन छीनने वाले मामले में भीमपुरा पुलिस को मिली बड़ी सफलता।
1 अभियुक्त गिरफ्तार: पुलिस ने वांछित अभियुक्त पिंटू मौर्य को इब्राहिमपट्टी-प्रेमरजा नहर रोड से किया गिरफ्तार।
चैन बरामद: अभियुक्त के कब्जे से लूटी गई पीली धातु (सोने) की टूटी हुई चैन बरामद, दूसरा आरोपी पहले ही भेजा जा चुका है जेल।
भीमपुरा/बलिया (सुधीर ठाकुर ): जनपद बलिया के पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत भीमपुरा थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने स्कूल में एडमिशन के बहाने महिला से सोने की चैन छीनकर भागने की घटना का सफल अनावरण करते हुए एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से लूटी गई पीली धातु की टूटी चैन बरामद हुई है।
एडमिशन के बहाने की थी चैन स्नेचिंग
घटना का संक्षिप्त विवरण देते हुए पुलिस ने बताया कि बीती 6 जुलाई 2026 को वादिनी द्वारा थाना भीमपुरा में प्रार्थना पत्र दिया गया था। इसमें बताया गया था कि दो अज्ञात व्यक्तियों ने विद्यालय में एडमिशन कराने के बहाने बातचीत करते हुए उनके गले से चैन छीन ली और मौके से फरार हो गए। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की।
जांच में सामने आए थे दो शातिरों के नाम
विवेचना के दौरान घटना में दो आरोपियों—आनंद उर्फ गोलू मौर्य (निवासी महुआबारी, थाना दोहरीघाट, मऊ) और पिंटू मौर्य (निवासी बैरमपुर, थाना दोहरीघाट, मऊ) का नाम प्रकाश में आया। इनमें से पहला आरोपी आनंद उर्फ गोलू मौर्य महाराष्ट्र के वालिव थाने के एक मुकदमे में मुंबई की तलोजा जेल में बंद था, जिसे वारंट बी के जरिए तलब कर 18 अगस्त 2026 को ही जेल भेजा जा चुका है। उस पर मऊ, बलिया और महाराष्ट्र में आधा दर्जन से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज हैं।
घेराबंदी कर दूसरे आरोपी को किया गिरफ्तार
इसी क्रम में बुधवार (19 अगस्त 2026) को उपनिरीक्षक श्रीकृष्ण प्रजापति मय हमराह पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में पतारसी-सुरागरसी में मौजूद थे। तभी मुखबिर की सटीक सूचना पर मुकदमे से संबंधित वांछित अभियुक्त पिंटू मौर्य को दोपहर लगभग 2:15 बजे इब्राहिमपट्टी-प्रेमरजा नहर रोड से गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी तलाशी लेने पर कब्जे से वारदात में लूटी गई टूटी हुई पीली धातु की चैन बरामद हुई।
पुलिस ने गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर मुकदमे में सुसंगत धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए अभियुक्त के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय भेज दिया है।

