हाईलाइट्स:
- औचक निरीक्षण: मंत्री दयाशंकर सिंह के अचानक जननायक चंद्रशेखर बस स्टेशन पहुंचने से अधिकारियों में मचा हड़कंप।
- जलभराव पर नाराजगी: बरसात के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के दिए कड़े निर्देश।
- ₹33 करोड़ की सौगात: पीपीपी (PPP) मॉडल के तहत बस स्टेशन का होगा पुनर्विकास, यात्रियों को मिलेंगी हाईटेक सुविधाएं।
बेल्थरारोड/बलिया (जयप्रकाश बर्नवाल): उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने शनिवार की शाम जननायक चन्द्रशेखर बस स्टेशन, बेल्थरारोड का औचक निरीक्षण किया। मंत्री के अचानक बस डिपो पहुंचने की सूचना मिलते ही परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने बस स्टेशन परिसर का कोना-कोना घूमकर जायजा लिया और यात्रियों को दी जा रही मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की।
जलभराव की समस्या पर जताई चिंता, अधिकारियों को दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने बरसात के मौसम में बस स्टेशन परिसर में होने वाले जलभराव की गंभीर समस्या को देखा। उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि हर साल बरसात में यात्रियों, बस चालकों और परिचालकों को होने वाली इस भारी परेशानी का अब तक स्थायी समाधान क्यों नहीं निकाला जा सका? अधिकारियों द्वारा स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद मंत्री ने जलनिकासी की समुचित व्यवस्था बनाने और यात्रियों को किसी भी तरह की असुविधा न होने देने के कड़े निर्देश जारी किए।
₹33 करोड़ से जल्द शुरू होगा आधुनिक बस स्टेशन का निर्माण
डिपो प्रभारी ज्ञानेंद्र वर्मा ने बताया कि परिवहन मंत्री ने बस स्टेशन की मौजूदा स्थिति का बारीकी से आकलन किया। मंत्री ने आश्वस्त किया कि बेल्थरारोड के जननायक चन्द्रशेखर बस स्टेशन का जल्द ही कायाकल्प होने जा रहा है। इसका पुनर्विकास पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत किया जाएगा, जिसके लिए करीब ₹33 करोड़ की धनराशि स्वीकृत हो चुकी है। निर्माण कार्य की कागजी व तकनीकी प्रक्रिया अंतिम चरण में है और बहुत जल्द धरातल पर काम शुरू हो जाएगा।
यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
बस स्टेशन के मॉडल स्वरूप में विकसित होने के बाद यात्रियों को आधुनिक प्रतीक्षालय (वेटिंग हॉल), सुव्यवस्थित प्लेटफॉर्म, वाहन पार्किंग, स्वच्छ पेयजल, सुलभ शौचालय और जलभराव मुक्त परिसर जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इससे बेल्थरारोड क्षेत्र के यात्रियों को वर्षों पुरानी समस्याओं से निजात मिलेगी और परिवहन व्यवस्था को एक नया आयाम मिलेगा।
