हाईलाइट्स:
- देशभर में पहला स्थान: सैनिक स्कूल टीजीटी (सोशल साइंस) परीक्षा में गाजीपुर के लाल विवेक कुमार सिंह ने ऑल इंडिया रैंक-1 लाकर बढ़ाया मान।
- ड्यूटी के साथ पढ़ाई: यूपी पुलिस में कांस्टेबल के पद पर 13 महीने तक सेवा देने के साथ-साथ जारी रखी तैयारी, एकमात्र सीट पर पाई सफलता।
- घर पर मना जश्न: नागाजी माल्देपुर बलिया से शुरुआती शिक्षा और डीयू से उच्च शिक्षा पाने वाले विवेक के घर लौटने पर मां ने उतारी आरती, कटा केक।
बलिया (सागर गुप्ता): "हौसलों के तरकश में कोशिश का वो तीर जिंदा रख, हार जा चाहे जिंदगी में सब कुछ, मगर फिर से जीतने की उम्मीद जिंदा रख।" इस कथन को अक्षरशः सच कर दिखाया है उत्तर प्रदेश पुलिस के एक जांबाज सिपाही ने। पुलिस विभाग में कांस्टेबल के रूप में सेवा दे रहे विवेक कुमार सिंह ने अपनी कड़ी मेहनत, अटूट संकल्प और मेधा के बल पर एक अभूतपूर्व इतिहास रच दिया है। विवेक ने सैनिक स्कूल में टीजीटी सोशल साइंस (TGT Social Science) के पद पर अखिल भारतीय स्तर (All India Level) पर प्रथम स्थान (AIR-1) प्राप्त कर न सिर्फ खाकी का, बल्कि पूरे गड़हांचल क्षेत्र का मान देश भर में बढ़ाया है। इस शानदार सफलता की खबर मिलते ही विवेक के घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया है।
एकमात्र सीट के लिए 66 दिग्गजों के बीच था मुकाबला, विवेक ने मारी बाजी
मूल रूप से गाजीपुर जिले के मोहम्मदाबाद तहसील अंतर्गत गड़हांचल क्षेत्र के रहने वाले विवेक कुमार सिंह का चयन वर्ष 2023 में यूपी पुलिस में कांस्टेबल के पद पर हुआ था। उन्होंने विभाग में लगभग 13 महीने तक अपनी सेवाएं दीं। विवेक ने बताया कि खाकी की जिम्मेदारी निभाने के दौरान भी उन्होंने अपने मुख्य लक्ष्य से कभी ध्यान नहीं भटकने दिया और ड्यूटी की व्यस्तताओं के बीच पढ़ाई जारी रखी। सैनिक स्कूल में टीजीटी सोशल साइंस के पद के लिए आयोजित साक्षात्कार में देश भर से कुल 66 दिग्गज उम्मीदवार शामिल हुए थे। विवेक ने बताया कि पूरे देश में इस पद के लिए महज एक ही सीट आरक्षित थी, जिस पर उन्होंने अपनी प्रतिभा के दम पर कब्जा जमाया और सीधे कांस्टेबल से अधिकारी बनने का गौरव पाया।
डीयू से उच्च शिक्षा और नागाजी माल्देपुर बलिया से जुड़ा है नाता
विवेक कुमार सिंह की इस शानदार सफलता के पीछे एक लंबा शैक्षणिक संघर्ष रहा है। उन्होंने अपनी प्राथमिक और शुरुआती शिक्षा नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर माल्देपुर, बलिया से प्राप्त की है, जबकि उच्च शिक्षा के लिए वे दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) गए। इसके अतिरिक्त उन्होंने रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन (NCERT) अजमेर से बीएड (B.Ed) की डिग्री हासिल की। विवेक की इस सफलता पर उनके पैतृक आवास पहुंचने पर मां सुमन सिंह ने भावुक होकर बेटे की आरती उतारी, तो वहीं पिता विजय बहादुर सिंह ने सीने से लगा लिया। दोस्तों और मोहल्ले वासियों ने फूल-मालाओं से लादकर और केक काटकर इस ऐतिहासिक कामयाबी का जश्न मनाया।
युवाओं के लिए संदेश—"असफलता ही सफलता की सीढ़ी है"
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता कमलेश सिंह ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि विवेक ने गड़हांचल की माटी का नाम पूरे देश में रोशन किया है। वहीं, अपनी इस अनूठी सफलता पर विवेक कुमार सिंह ने इसका पूरा श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों के आशीर्वाद को दिया। उन्होंने क्षेत्र के युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि जीवन में असफलता से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि उसे सफलता की सीढ़ी मानकर निरंतर प्रयास करना चाहिए। यदि आपकी लगन सच्ची और इरादे नेक हैं, तो दुनिया का कोई भी लक्ष्य नामुमकिन नहीं है। अब विवेक के परिवार और क्षेत्रवासियों की इच्छा है कि वह आने वाले समय में देश सेवा करते हुए कैप्टन के प्रतिष्ठित पद तक पहुंचे।
