हाईलाइट्स:
- डीआरएम से मुलाकात: सामाजिक कार्यकर्ता विश्वजीत जायसवाल ने वाराणसी मंडल के डीआरएम से मिलकर रसड़ा रेलवे स्टेशन की मूलभूत समस्याओं के समाधान की उठाई मांग।
- गरीब नवाज एक्सप्रेस के ठहराव की मांग: किशनगंज–अजमेर गरीब नवाज एक्सप्रेस के ठहराव से पूर्वांचल और अजमेर शरीफ जाने वाले हजारों यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ।
- असुविधाओं का अंबार: प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर जर्जर शौचालय, बैठने की सीटों की कमी और प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर पेयजल व लाइट की समुचित व्यवस्था न होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
रसड़ा/बलिया (सुमित गुप्ता): रसड़ा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को वर्षों से हो रही मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता विश्वजीत जायसवाल ने पूर्वोत्तर रेलवे, वाराणसी मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री आशीष जैन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने यात्रियों की विभिन्न समस्याओं से जुड़ा एक विस्तृत शिकायती ज्ञापन सौंपा और जनहित में शीघ्र प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
ठंडे बस्ते में पड़े रहे पूर्व के आवेदन, यात्रियों को हो रही भारी असुविधा
सौपे गए ज्ञापन में इस बात को प्रमुखता से रेखांकित किया गया कि इन मूलभूत समस्याओं के संबंध में पूर्व में भी कई बार रेलवे प्रशासन, स्थानीय सांसद एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद आज तक किसी भी स्तर पर कोई संतोषजनक या ठोस कार्रवाई धरातल पर दिखाई नहीं दी है, जिसके चलते क्षेत्र के हजारों दैनिक व लंबी दूरी के यात्रियों को प्रतिदिन भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अजमेर शरीफ जाने वालों के लिए गरीब नवाज एक्सप्रेस का ठहराव बेहद जरूरी
मुलाकात के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता विश्वजीत जायसवाल ने जोर देकर कहा कि गरीब नवाज एक्सप्रेस (किशनगंज–अजमेर) इस क्षेत्र के निवासियों के लिए जीवन रेखा के समान है। यदि इस ट्रेन का रसड़ा रेलवे स्टेशन पर नियमानुसार दो मिनट का कमर्शियल ठहराव (Stoppage) सुनिश्चित कर दिया जाए, तो पूर्वांचल के हजारों व्यापारियों, श्रमिकों और धार्मिक यात्रा करने वाले लोगों को बड़ी सहूलियत होगी। विशेषकर मुस्लिम समाज के बड़ी संख्या में लोग अजमेर शरीफ जियारत के लिए इसी ट्रेन पर निर्भर रहते हैं।
जर्जर शौचालय, सीटों की कमी और लाइट की समस्या से जूझ रहा स्टेशन
ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया कि सर्वाधिक आवागमन वाले प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त बेंच और सीटों का घोर अभाव है, जिससे टिकट खिड़की के पास यात्रियों को घंटों खड़े रहना पड़ता है। साथ ही रात्रि के समय स्टेशन परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था (लाइटिंग) न होने से सुरक्षा को लेकर भी खतरा बना रहता है। इसके अलावा प्लेटफॉर्म संख्या-2 पर स्वच्छ पेयजल व आधुनिक शौचालय की व्यवस्था करने तथा प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर बने वर्षों पुराने जर्जर शौचालय के अविलंब नवीनीकरण की मांग की गई।
डीआरएम ने दिया सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा
विश्वजीत जायसवाल ने एक अन्य महत्वपूर्ण बिंदु उठाते हुए कहा कि वर्तमान में डाउन लाइन की अधिकांश ट्रेनें प्लेटफॉर्म संख्या-2 पर रोकी जाती हैं, जबकि मुख्य सुविधाएं प्लेटफॉर्म-1 पर हैं। इससे वृद्धों, दिव्यांगों और बीमार यात्रियों को ओवरब्रिज पार करने में भारी परेशानी होती है। लिहाजा, डाउन लाइन की ट्रेनों को प्लेटफॉर्म-1 पर लेने या उनके लिए विशेष रैम्प/लिफ्ट की व्यवस्था की जाए। मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री आशीष जैन ने पूरे ज्ञापन को बेहद गंभीरता से लिया और संबंधित विभागीय अधिकारियों को जांच कर नियमानुसार सकारात्मक एवं त्वरित कार्रवाई करने का ठोस आश्वासन दिया।
