हाईलाइट्स:
- डीएम का कड़ा रुख: जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह के औचक निरीक्षण में उजागर हुई नगर पालिका परिषद की घोर विधिक व प्रशासनिक लापरवाही।
- मौके पर भूमि चिन्हांकन: जगह की कमी और डंपिंग की शिकायत पर तत्काल एडीएम व लेखपाल को बुलाकर नक्शे के आधार पर अतिरिक्त भूमि कराई चिन्हित।
- शनिवार से संचालन का आदेश: अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के फेर में जनवरी २०२६ से बंद पड़े प्लांट को कल से हर हाल में क्रियाशील करने के सख्त विधिक निर्देश।
बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और शहरी स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक बड़ा विधिक व दंडात्मक रुख अख्तियार किया है। जिलाधिकारी (डीएम) श्री मंगला प्रसाद सिंह ने शुक्रवार को विकास खंड अंतर्गत ग्राम बसंतपुर स्थित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) प्लांट का औचक विधिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्लांट परिसर के भीतर एवं आसपास कूड़े का विशाल अंबार और अव्यवस्था देखकर जिलाधिकारी का पारा चढ़ गया, जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं नगर पालिका परिषद के उत्तरदायी विधिक कार्मिकों को कड़ी फटकार लगाते हुए कार्रवाई की विधिक चेतावनी दी।
संचालक ने जताई जगह की कमी, डीएम ने मौके पर खिंचवाई विधिक सीमा रेखा
प्राप्त आधिकारिक व विधिक विवरण के अनुसार, औचक निरीक्षण के दौरान प्लांट संचालक द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि कुछ अराजक तत्वों द्वारा जबरन प्लांट परिसर में अवैध रूप से कूड़ा डंप किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, विधिक निस्तारण हेतु पर्याप्त स्थान (स्पेस) के अभाव में कूड़े का वैज्ञानिक व विधिक तौर-तरीकों से निस्तारण करने में बाधा उत्पन्न हो रही है। इस विधिक समस्या पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल अपर जिलाधिकारी (एडीएम) और क्षेत्रीय लेखपाल को राजस्व अभिलेखों के साथ मौके पर तलब किया। डीएम ने शासकीय नक्शे के आधार पर अतिरिक्त सरकारी भूमि का विधिक चिन्हांकन कराया और निर्देश दिया कि यदि चिन्हित भूमि तक पहुंचने का मार्ग नहीं है, तो प्राथमिकता के आधार पर विधिक सड़क का निर्माण कराया जाए।
सरकारी भूमि होने के बाद भी उपयोग न करना गंभीर लापरवाही, होगी विधिक कार्रवाई
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कड़े शब्दों में कहा कि पर्याप्त भूमि उपलब्ध होने के बावजूद नगर पालिका परिषद द्वारा जनहित में उसका उपयोग नहीं किया गया, जो शासकीय दायित्वों के प्रति घोर विधिक लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि इस विधिक शिथिलता के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्लांट परिसर में गंदगी और दुर्गंध किसी भी विधिक स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। डीएम ने विधिक आदेश जारी करते हुए कहा कि शनिवार (कल) से हर हाल में इस एमआरएफ प्लांट का संचालन पूर्ण क्षमता के साथ शुरू किया जाए। इसके लिए उन्होंने तहसीलदार, लेखपाल एवं प्लांट संचालक को विधिक रूप से संयुक्त मौका मुआयना करने को कहा।
जनवरी २०२६ से एनओसी के फेर में बंद था प्लांट, रोपण से बनेगा हरित क्षेत्र
विधिक निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए प्लांट परिसर में पौधारोपण किया और पूरे क्षेत्र को 'ग्रीन ज़ोन' के रूप में विकसित करने के विधिक निर्देश दिए। गौरतलब है कि नगर पालिका परिषद को पर्यावरण व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से आवश्यक एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) विधिक रूप से अप्राप्त होने के कारण यह महत्वपूर्ण प्लांट जनवरी २०२६ से पूरी तरह ठप पड़ा हुआ था, जिससे शहर के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर बेहद प्रतिकूल विधिक प्रभाव पड़ रहा था। इस महत्वपूर्ण विधिक निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी (एसडीएम) अनिल कुमार, प्लांट संचालक अभिनाश कुमार सिंह, क्षेत्रीय तहसीलदार, राजस्व लेखपाल सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी विधिक रूप से उपस्थित रहे।
