हाईलाइट्स:
- क्रूरता की पराकाष्ठा: घोसी थाना क्षेत्र के लाखीपुर फोरलेन किनारे झाड़ियों में मिला २५ से ३० वर्षीय युवक का वीभत्स शव; सिर और धड़ थे अलग-अलग।
- जांच में जुटी टीमें: फोरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड और सर्विलांस सेल ने घटनास्थल से जुटाए विधिक साक्ष्य; शिनाख्त के लिए सोशल मीडिया का लिया जा रहा सहारा।
- सीओ घोसी का बयान: क्षेत्राधिकारी (सीओ) जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा— प्रथम दृष्टया दूसरी जगह हत्या कर शव को यहां फेंके जाने की आशंका, जल्द होगा विधिक खुलासा।
मऊ (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद अंतर्गत घोसी थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाली क्रिमिनल वारदात सामने आई है। मंगलवार ३० जून २०२६ की सुबह लाखीपुर फोरलेन के किनारे एक अज्ञात युवक का सिर कटा शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। हत्यारों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए युवक का सिर धड़ से पूरी तरह अलग कर दिया था और दोनों हिस्सों को कुछ दूरी पर फेंक दिया था। इस खौफनाक और वीभत्स मंजर को देखकर स्थानीय राहगीरों के होश उड़ गए, जिसके बाद देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।
झाड़ियों में बिखरा था खून, फोरेंसिक टीम ने सील किया घटनास्थल
प्राप्त आधिकारिक व विधिक विवरण के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब ८ बजे राहगीरों ने लाखीपुर फोरलेन के किनारे झाड़ियों में एक धड़ और कुछ दूरी पर कटा हुआ सिर देखा। स्थानीय नागरिकों की सूचना पर घोसी थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे घटनास्थल को विधिक रूप से सील कर दिया। मामले की जघन्यता को देखते हुए जिला मुख्यालय से तत्काल फोरेंसिक एक्सपर्ट्स और डॉग स्क्वॉड की टीम को मौके पर बुलाया गया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने, मृतक के कपड़े और फिंगरप्रिंट्स सहित कई अहम विधिक साक्ष्य संकलित किए हैं।
अन्यत्र हत्या कर शव को फोरलेन किनारे ठिकाने लगाने की विधिक आशंका
मृतक युवक की उम्र लगभग २५ से ३० वर्ष के बीच आंकी जा रही है, जो नीली जींस और टी-शर्ट पहने हुए था। पुलिस की शुरुआती विधिक तफ्तीश और साक्ष्यों के आधार पर यह प्रबल आशंका जताई जा रही है कि युवक की निर्मम हत्या किसी अन्य गुप्त स्थान पर की गई है और विधिक सबूतों को मिटाने व शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से आधी रात या तड़के फोरलेन के किनारे लाकर फेंका गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी मौके का विधिक मुआयना किया और मातहतों को कड़े विधिक निर्देश जारी किए।
आसपास के जिलों और थानों में भेजी गई तस्वीरें, शिनाख्त का प्रयास जारी
घोसी पुलिस के अनुसार, मृतक की जेब या आसपास से ऐसी कोई विधिक सामग्री नहीं मिली है जिससे उसकी पहचान हो सके। युवक की शिनाख्त के लिए मऊ सहित आसपास के जनपदों (गाजीपुर, बलिया, आज़मगढ़) के सभी थानों में हालिया गुमशुदगी (मिसिंग रिपोर्ट) के विधिक रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। इसके साथ ही पुलिस के डिजिटल विधिक सेल द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और मुखबिर तंत्र की मदद से मृतक की पहचान स्थापित करने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। इस जघन्य हत्याकांड के बाद से स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों में भारी दहशत और विधिक असुरक्षा का माहौल व्याप्त है।
सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से हत्यारों की तलाश: सीओ
इस खौफनाक वारदात को लेकर क्षेत्राधिकारी (सीओ) घोसी श्री जितेंद्र कुमार सिंह ने आधिकारिक 'बाइट' (वक्तव्य) देते हुए बताया कि पुलिस ने विधिक पंचनामा की औपचारिकता पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फोरलेन मार्ग पर लगे सभी विधिक व निजी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं और सर्विलांस टीम सक्रिय कर दी गई है। सीओ ने दावा किया कि पुलिस इस विधिक मामले के हर बिंदु पर गहराई से काम कर रही है और बेहद जल्द इस ब्लाइंड मर्डर केस का विधिक पर्दाफाश कर हत्यारों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
