हाईलाइट्स:
धूमधाम से मना पर्व: लालसा इंटरनेशनल स्कूल में जन्माष्टमी पर बाँसुरी व मटकी निर्माण, चित्रकला और राधा-कृष्ण लीला का आयोजन।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: कक्षा 1 से 5 तक के छात्र-छात्राओं ने कलात्मक गतिविधियों में लिया हिस्सा, बाल-लीलाओं की मनमोहक दी प्रस्तुति।
चेयरमैन का संदेश: अजय कुमार यादव ने कृष्ण-सुदामा की मित्रता और कर्म का संदेश देते हुए विद्यार्थियों को जीवन-मूल्य अपनाने की दी सीख।
गाजीपुर (एकरार खान): जनपद गाजीपुर स्थित लालसा इंटरनेशनल स्कूल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, उत्साह एवं उल्लास के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न रचनात्मक, सांस्कृतिक एवं कलात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का बेहतरीन प्रदर्शन किया।
छात्रों की मनमोहक प्रस्तुतियां और प्रतियोगिताएं
उत्सव के अंतर्गत कक्षा 1 के बच्चों ने आकर्षक बाँसुरियाँ बनाईं, वहीं कक्षा 2 के छात्रों ने रंग-बिरंगी मटकी निर्माण गतिविधि में अपनी कला दिखाई। कक्षा 3 के विद्यार्थियों ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और राधा-कृष्ण के स्वरूप की मनमोहक प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। इसके अलावा कक्षा 4 और 5 के विद्यार्थियों के लिए आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी कल्पनाशक्ति और रंगों के माध्यम से कान्हा के विभिन्न रूपों को उकेरा।
चेयरमैन अजय कुमार यादव का प्रेरक संबोधन
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के चेयरमैन अजय कुमार यादव ने सभी को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का एक महान स्रोत है। कृष्ण-सुदामा की निस्वार्थ मित्रता का उदाहरण देते हुए उन्होंने छात्रों को परिस्थिति, धन-दौलत से परे हटकर सच्ची मित्रता, प्रेम, करुणा और कर्तव्यनिष्ठा के संस्कार अपनाने की सीख दी। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ अच्छे मानवीय मूल्यों और जिम्मेदार नागरिकता के लिए तैयार करना है।
शिक्षकों की सहभागिता व सराहना
प्रधानाचार्य सुनीता सिंह ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन बच्चों को अपनी समृद्ध परंपराओं से जोड़ते हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक रिद्धिमा, अनीता, वंदना, भूमिका, बिंदेश, अशोक सहित पूरे विद्यालय परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अंत में "जय श्रीकृष्ण" के जयघोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

