हाईलाइट्स:
तहसील पर प्रदर्शन: दलित पिछड़ा वर्ग अधिकार मोर्चा व सामाजिक संगठनों ने विभिन्न मांगों को लेकर रसड़ा तहसील में दर्ज कराया विरोध।
प्रमुख मांगें: जातिगत व आर्थिक जनगणना, यूजीसी नियम, 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षित सीटों को भरने तथा बंद परिषदीय विद्यालयों को खोलने की उठाई मांग।
14 सूत्रीय ज्ञापन: उपजिलाधिकारी रसड़ा को महामहिम राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया 14 सूत्रीय मांग पत्र।
रसड़ा/बलिया (सुमित गुप्ता): दलित पिछड़ा वर्ग अधिकार मोर्चा, बुद्धिजीवी जनता एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को तहसील रसड़ा परिसर में विभिन्न ज्वलंत मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के उपरांत कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) रसड़ा को महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित 14 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
आरक्षण व जातिगत जनगणना की उठी पुरजोर मांग
ज्ञापन के माध्यम से एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के आरक्षण अधिकारों को पूरी तरह सुरक्षित रखने, सभी सरकारी व गैर-सरकारी सेवाओं में आरक्षण व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की गई। इसके साथ ही आगामी जाति जनगणना में जातिगत एवं आर्थिक विवरण को अनिवार्य रूप से शामिल करने तथा यूजीसी से संबंधित नए नियमों को लागू करने पर जोर दिया गया।
69 हजार शिक्षक भर्ती व शिक्षा नीति पर उठाये सवाल
ज्ञापन में 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षित वर्ग की सीटों के कोटे को पूरा करने, हाल ही में बंद किए गए परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों को पुनः संचालित करने, नई शिक्षा नीति 2020 पर जनहित में पुनर्विचार करने और ईडब्ल्यूएस आरक्षण को वापस लेने जैसी प्रमुख मांगों का प्रमुखता से उल्लेख किया गया है।
प्रदर्शन में शामिल संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से शोषित व वंचित वर्ग की आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि महामहिम राष्ट्रपति जनहित से जुड़ी इन 14 सूत्रीय मांगों पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देंगे।

