हाईलाइट्स:
- पुरानी रंजिश में हत्या: नगवां में 20 साल पुराने जमीनी विवाद में राजदेव पाठक (58) की पीट-पीटकर हत्या।
- पटीदार पर आरोप: पड़ोसी के दरवाजे पर कहासुनी के बाद पटीदार उत्कर्ष पाठक ने लाठी-डंडों व ईंट-पत्थर से किया हमला।
- पुलिस की कार्रवाई: नामजद मुकदमा दर्ज, एक संदिग्ध हिरासत में; तनाव को देखते हुए गांव में फ्लैग मार्च व भारी फोर्स तैनात।
दुबहर/बलिया (संदीप गुप्ता): स्थानीय थाना क्षेत्र के नगवां गांव में रविवार देर रात जमीन के 20 साल पुराने विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुआ खूनी संघर्ष एक बुजुर्ग की मौत का कारण बन गया। पटीदार द्वारा किए गए लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर के हमले में 58 वर्षीय राजदेव पाठक गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्होंने इलाज के दौरान जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। घटना के बाद गांव में व्याप्त तनाव को देखते हुए एहतियातन कई थानों की पुलिस तैनात कर दी गई है।
कहासुनी के बाद लाठी-डंडों से किया हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगवां निवासी राजदेव पाठक (58 वर्ष, पुत्र स्व. राम केवल पाठक) रविवार शाम अपने पड़ोसी काशी यादव के दरवाजे पर बैठे थे। इसी दौरान उनका पटीदार उत्कर्ष पाठक (35 वर्ष) वहां पहुंच गया। दोनों के बीच विगत 20 वर्षों से चले आ रहे भूमि विवाद को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोप के मुताबिक उत्कर्ष पाठक ने ईंट-पत्थर और लाठी-डंडों से राजदेव पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल राजदेव को परिजन तत्काल जिला अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
गांव में पुलिस का फ्लैग मार्च, एक संदिग्ध हिरासत में
बुजुर्ग की मौत की खबर मिलते ही नगवां गांव में हड़कंप मच गया और तनाव की स्थिति पैदा हो गई। सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष अनुपम जायसवाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने स्थिति को नियंत्रण में लिया। सुरक्षा के दृष्टिगत जिले के कई थानों की पुलिस फोर्स ने गांव में फ्लैग मार्च किया और जगह-जगह पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
थानाध्यक्ष अनुपम जायसवाल ने बताया कि मृतक के परिजनों की तहरीर पर संबंधित धाराओं में नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ शुरू कर दी है। उन्होंने आश्वस्त किया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था कायम है।
