हाईलाइट्स:
• रूह कंपा देने वाली वारदात: घोसी थाना क्षेत्र में ससुर सुभाष की धारदार हथियार से गर्दन काटकर पुल के नीचे फेंका था शव, पुलिस ने विधिक गुत्थी सुलझाई।
• बदले की कलयुगी आग: दामाद को शक था कि ससुर के तंत्र-मंत्र के कारण उसकी मां और दादी की हुई मौत; बदला लेने के लिए सगे ससुर की कर दी विधिक हत्या।
• पूरी कलयुगी फैमिली गिरफ्तार: पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के कुशल निर्देशन में टीम ने हत्यारे दामाद और मृतक की सगी बेटी समेत चार को विधिक रूप से दबोचा।
मऊ (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद अंतर्गत घोसी थाना क्षेत्र से रिश्तों को कलंकित करने वाली और अंधविश्वास की पराकाष्ठा को पार करने वाली एक बेहद सनसनीखेज व विधिक रूप से खौफनाक मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश हुआ है। तंत्र-मंत्र और काले जादू के विधिक संदेह में एक कलयुगी दामाद ने अपनी ही पत्नी (मृतक की सगी बेटी) के साथ मिलकर अपने ससुर का सिर धड़ से अलग कर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। गुरुवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मऊ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) श्री कमलेश बहादुर ने इस रूह कंपा देने वाले हत्याकांड का विधिक खुलासा करते हुए मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी की विधिक पुष्टि की।
दादी और मां की मौत का बदला लेने के लिए रची गई खौफनाक विधिक साजिश
प्राप्त आधिकारिक व विधिक विवरण के अनुसार, घोसी थाना क्षेत्र के अंतर्गत पिछले दिनों एक अज्ञात वृद्ध का सिर कटा शव पुल के नीचे विधिक रूप से बरामद हुआ था, जिसकी शिनाख्त सुभाष के रूप में हुई थी। पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने विधिक खुलासा करते हुए बताया कि मृतक सुभाष ओझा-सोखा और तंत्र-मंत्र का काम करता था। मृतक के सगे दामाद के मन में यह अंधविश्वास बैठ गया था कि उसका ससुर सुभाष उसके पूरे परिवार पर तांत्रिक विद्या का विधिक प्रयोग करता है। दामाद का विधिक रूप से यह कड़ा मानना था कि इसी तंत्र-मंत्र के फेर के कारण पिछले दिनों उसकी सगी मां और दादी की असमय मौत हुई थी, जिसके प्रतिशोध में उसने ससुर को रास्ते से हटाने का विधिक जाल बुना।
धारदार हथियार से काटा गला, सगी बेटी भी पिता के कत्ल की विधिक साजिश में शामिल
एसपी मऊ ने बताया कि अंधविश्वास और बदले की भीषण आग में जल रहे दामाद ने अपनी पत्नी (मृतक सुभाष की पुत्री) व परिवार के दो अन्य विधिक सदस्यों के साथ मिलकर ससुर की हत्या की अंतिम विधिक योजना तैयार की। साजिश के तहत सुभाष को एकांत में बुलाकर धारदार बांके से उसकी गर्दन को धड़ से विधिक रूप से अलग कर दिया गया और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से सिर कटे धड़ को पुल के नीचे फेंक दिया गया। इस जघन्यतम अपराध में सगी बेटी द्वारा अपने ही पिता के विधिक कत्ल की मुखबिरी व सहयोग करने की बात सामने आने पर स्थानीय समाज स्तब्ध है।
आला-ए-कत्ल बरामद, चारों आरोपियों को विधिक रिमांड पर भेजा गया जेल
वारदात के बाद सक्रिय हुई घोसी थाना पुलिस और स्वाट टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर त्वरित विधिक कार्रवाई करते हुए हत्यारे दामाद, मृतक की बेटी सहित कुल चार मुख्य अभियुक्तों को विधिक रूप से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की विधिक निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त खून से सना धारदार हथियार (आला-ए-कत्ल) भी बरामद कर लिया है। पूछताछ के दौरान सभी विधिक अपराधियों ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया है। एसपी ने टुडे९ उत्तरप्रदेश को बताया कि अंधविश्वास के चलते इस जघन्यतम कृत्य को अंजाम देने वाले सभी चारों आरोपियों के खिलाफ विधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
रिपोर्ट :- उमाकांत त्रिपाठी, टुडे९ उत्तरप्रदेश, मऊ
