हाईलाइट्स:
- आस्था और विश्वास का संगम: धर्मापुर विकास खंड के मनिहाँगोविंदपुर गांव में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से संपन्न कराया वार्षिक पूजन-अर्चन और विशाल भंडारा।
- १६ वर्षों की अटूट परंपरा: अकाल मौतों से मुक्ति और ग्राम्य शांति के लिए करुआसन डीह बाबा के मंदिर प्रांगण में हर वर्ष ३० जून को होता है विधिक आयोजन।
- गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल: गांव की खुशहाली के लिए आयोजित इस महायज्ञ में अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों ने भी दिया विधिक सहयोग, चखा प्रसाद।
मुफ्तीगंज/जौनपुर (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के जौनपुर जनपद अंतर्गत धर्मापुर विकास खंड के ग्राम सभा मनिहाँगोविंदपुर से सामाजिक समरसता और अटूट धार्मिक आस्था की एक बेहद सुंदर तस्वीर सामने आई है। गांव की सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए ग्रामीणों ने सोमवार की शाम को करुआसन डीह बाबा के मंदिर प्रांगण में वार्षिक पूजन-अर्चन, विधिक हवन और विशाल भंडारे का कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न किया। इस धार्मिक अनुष्ठान में मनिहाँगोविंदपुर सहित आस-पास के दर्जनों गांवों के श्रद्धालुओं ने विधिक रूप से सम्मिलित होकर करुआसन डीह बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया और भंडारे का महाप्रसाद ग्रहण किया।
अकाल मौतों से मुक्ति के लिए १६ वर्ष पूर्व शुरू हुई थी विधिक पूजा
प्राप्त स्थानीय व पारंपरिक विधिक विवरण के अनुसार, मनिहाँगोविंदपुर गांव में स्थित ऐतिहासिक करुआसन डीह बाबा के मंदिर प्रांगण में पिछले १६ वर्षों से लगातार हर साल ३० जून को इस भव्य भंडारे और पूजन का आयोजन विधिक रूप से किया जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, वर्षों पूर्व गांव में अचानक कई अकाल मौतें हो गई थीं, जिससे पूरे क्षेत्र में भय और अशांति का माहौल व्याप्त हो गया था। इस संकट से मुक्ति पाने के लिए ग्रामीणों ने सामूहिक विधिक निर्णय लेकर डीह बाबा की विशेष पूजा और भंडारे की शुरुआत की थी। परंपरा के अनुसार, मुख्य आयोजन से एक दिन पूर्व २४ घंटे का अखंड रामायण पाठ प्रारंभ होता है, जिसके विश्राम के बाद विधिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-पूजन किया जाता है और अंत में महाप्रसाद का वितरण होता है।
अल्पसंख्यक वर्ग ने भी बढ़ाया सहयोग का हाथ, पेश की भाईचारे की मिसाल
यह धार्मिक आयोजन मनिहाँगोविंदपुर गांव में आपसी भाईचारे और कौमी एकता की एक विधिक व जीवंत मिसाल बन चुका है। इस आयोजन की सबसे खास और विधिक रूप से सराहनीय बात यह रही कि इसमें गांव के अल्पसंख्यक वर्ग (मुस्लिम समाज) के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर अपना विधिक व नैतिक सहयोग प्रदान किया। उन्होंने न केवल व्यवस्था में हाथ बंटाया, बल्कि मंदिर प्रांगण में पहुंचकर बेहद आदर के साथ भंडारे का प्रसाद भी ग्रहण किया। ग्रामीणों का अटूट विश्वास है कि जब से गांव में यह विधिक पूजा सामूहिक रूप से शुरू कराई गई है, तब से क्षेत्र में पूरी तरह शांति बनी हुई है और सभी लोग खुशहाल हैं।
आयोजन में ये प्रबुद्धजन और ग्रामीण विधिक रूप से रहे मौजूद
करुआसन डीह बाबा के इस पावन वार्षिक विधिक महोत्सव और भंडारे के अवसर पर मुख्य रूप से सप्पू दुबे, विनीत कुमार शर्मा, विजय दुबे, संजीव सिंह, रोहित दुबे, पिंटू दुबे, प्रहलाद राजभर, नितीश दुबे, महेश शर्मा, पप्पू दुबे, अंशु गौड़, बिट्टू दुबे, जंगबहादुर सिंह, बिकालू दुबे, दिनेश दुबे, बिक्रम दुबे, जयप्रकाश दुबे, आनंद दुबे, बच्चु सिंह, सोनू दुबे, बसन्त लाल राजभर, बदरुद्दीन शेख, शिवांशु और रितिक सिंह सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय माताएं-बहनें, युवा और सम्मानित ग्रामीण विधिक रूप से उपस्थित रहे।
रिपोर्टःपंकज राय टुडे९ उत्तरप्रदेश, मुफ्तीगंज (जौनपुर)
