हाईलाइट्स:
आक्रोशित अधिवक्ता: दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में केराकत तहसील परिसर में बार एसोसिएशन ने दिया धरना।
लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा: अधिवक्ताओं ने कहा—"शांतिपूर्ण प्रदर्शन नागरिकों का अधिकार, बल प्रयोग लोकतंत्र के लिए निंदनीय।"
संवाद की मांग: अधिवक्ताओं ने सरकार से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करने और संवाद के जरिए समस्याओं के समाधान की मांग की।
जौनपुर (पंकज राय): दिल्ली में अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को जनपद जौनपुर की केराकत तहसील में वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा। तहसील बार एसोसिएशन द्वारा तहसील परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर घटना पर गहरा रोष एवं विरोध व्यक्त किया गया। इस धरने का नेतृत्व तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश राम एवं महामंत्री हीरेंद्र यादव ने संयुक्त रूप से किया।
लाठीचार्ज निंदनीय, दमन की नीति छोड़ संवाद अपनाए सरकार: बार अध्यक्ष
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी मांगों को शांतिपूर्ण ढंग से रखने वाले छात्रों पर बल प्रयोग किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है। तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश राम ने कहा, "सरकार को छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशीलता दिखाते हुए सीधे संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और उसका हर हाल में सम्मान किया जाना चाहिए।"
वहीं पूर्व अध्यक्ष नमनाथ शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों की बुलंद आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनकर न्यायसंगत निस्तारण किया जाना चाहिए। बल प्रयोग किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता।
संवैधानिक मर्यादाओं का हो पालन: अनिल सोनकर गांगुली
धरने के दौरान अपने विचार रखते हुए अधिवक्ता अनिल सोनकर गांगुली ने कहा, "लोकतंत्र में छात्रों की आवाज को लाठी और बल प्रयोग से दबाया नहीं जा सकता। उनकी बात को संवाद और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से ही सुना जाना चाहिए। शांतिपूर्ण प्रदर्शन हर नागरिक का अधिकार है।" अधिवक्ताओं ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों व पुलिसकर्मियों पर कठोर कार्रवाई करने तथा छात्रों से बातचीत कर हल निकालने की मांग की।
धरने में बड़ी संख्या में शामिल रहे अधिवक्ता
केराकत तहसील परिसर में आयोजित इस धरना-प्रदर्शन में मुख्य रूप से अधिवक्ता शारदा प्रसाद यादव, कुंवर बहादुर यादव, राजनारायण, दिनेश पांडेय, प्रवीण शर्मा, अमरीश यादव, रवीनाथ मिश्रा, विष्णु उपाध्याय, उदय राज कनौजिया, रितेश, संजय यादव एवं मनोज मिश्रा सहित बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और भारी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
