हाईलाइट्स:
- दियरांचल बचाओ आंदोलन: गंगा नदी की तेज कटान से गांव को बचाने के लिए शिवपुर नंबरी में युवाओं का तीन दिवसीय क्रमिक अनशन शुरू।
- दो मुख्य मांगें: शिवपुर दियारा नंबरी और प्राणपुर सोनाली को बचाने के लिए पक्के स्पर (ठोकर) व क्षतिग्रस्त सड़क का हो पुनर्निर्माण।
- 3 दिन का अल्टीमेटम: सिर्फ आश्वासन मिलने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश; 3 दिनों में काम शुरू न होने पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की चेतावनी।
बलिया (संदीप गुप्ता): जनपद में गंगा नदी की तेज कटान से अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रहे शिवपुर दियारांचल के ग्रामीणों और युवाओं के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया है। गांव को कटान की विभीषिका से बचाने की मांग को लेकर शिवपुर नंबरी स्थित पंचदेव मंदिर के पास सोमवार से युवाओं ने "दियरांचल बचाओ आंदोलन" के बैनर तले तीन दिवसीय क्रमिक अनशन का आगाज कर दिया है।
ग्रामीणों और महिलाओं का उग्र प्रदर्शन, प्रशासन पर लगाया अनदेखी का आरोप
समाजसेवी कल्याण सिंह और विश्वजीत सिंह 'गोलू' के संयुक्त नेतृत्व में शुरू हुए इस अनशन में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों और महिलाओं ने हिस्सा लिया। आंदोलनकारियों ने जिला प्रशासन व शासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए आक्रोश व्यक्त किया। ग्रामीणों का आरोप है कि मुख्यमंत्री के जनता दरबार से लेकर स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों तक दर्जनों बार गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन हर बार सिर्फ खोखले आश्वासन ही हाथ लगे हैं। कटान रोकने के नाम पर महज 20 परक्यूपाइन लगाकर खानापूर्ति कर दी गई है, जबकि गंगा नदी का कटान रोजाना उग्र रूप धारण करता जा रहा है।
आंदोलनकारियों की दो प्रमुख मांगें:
- स्थाई ठोकर (स्पर) का निर्माण: ग्राम सभा शिवपुर दियारा नंबरी और प्राणपुर सोनाली को गंगा की विनाशकारी कटान से सुरक्षित करने के लिए तुरंत पक्के स्पर का निर्माण कराया जाए।
- क्षतिग्रस्त सड़क का पुनर्निर्माण: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी सड़क की मरम्मत कराकर उसे नया बनाया जाए।
प्रशासन को 3 दिन का अल्टीमेटम, दी भूख हड़ताल की चेतावनी
अनशन पर बैठे युवाओं ने गंभीर चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द से जल्द ठोकर निर्माण का कार्य धरातल पर शुरू नहीं कराया गया, तो पूरा गांव गंगा नदी के आगोश में समा जाएगा और सैकड़ों परिवार बेघर हो जाएंगे। आंदोलनकारियों ने जिला प्रशासन को 3 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो 'दियरांचल बचाओ आंदोलन' से जुड़े सभी लोग अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करने को बाध्य होंगे। हालांकि, खबर लिखे जाने तक इस संबंध में प्रशासनिक स्तर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
