हाईलाइट्स:
- कड़ी मेहनत का फल: वर्ष 2025 में सिपाही बने सचिन सोनकर ने ड्यूटी की व्यस्तताओं के बीच अपनी लगन से पास की यूपी सब-इंस्पेक्टर (SI) परीक्षा।
- थाने में जश्न: केराकत प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार पांडे व उपनिरीक्षक श्री राम सिंह समेत पूरे पुलिस स्टाफ ने मिठाई खिलाकर किया सम्मानित।
- किसान के बेटे ने बढ़ाया मान: फतेहपुर के कोराई गांव के रहने वाले सचिन के पिता हैं किसान, चाचा यूपी पुलिस में ही हैं इंस्पेक्टर।
केराकत/जौनपुर (पंकज राय): "कौन कहता है कि आसमान में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों।" इस कहावत को पूरी तरह चरितार्थ कर दिखाया है केराकत कोतवाली में तैनात आरक्षी सचिन कुमार सोनकर ने। वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती होकर पहली पोस्टिंग पर आए सचिन ने अपनी ड्यूटी की व्यस्तताओं के बीच कड़ी मेहनत व अटूट लगन के दम पर यूपी सब-इंस्पेक्टर (SI) परीक्षा को उत्तीर्ण कर लिया है। सिपाही की इस अभूतपूर्व तरक्की पर कोतवाली परिसर में जश्न का माहौल है और अधिकारियों ने उन्हें सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
फतेहपुर के कोराई गांव के निवासी हैं सचिन सोनकर
मूल रूप से फतेहपुर जनपद के कोराई गांव निवासी सचिन कुमार सोनकर पुत्र दिनेश सोनकर एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा फतेहपुर से ही पूरी हुई, जिसके बाद उन्होंने वर्ष 2024 में स्नातक (ग्रेजुएशन) की उपाधि प्राप्त की। स्नातक के तुरंत बाद उन्होंने पुलिस भर्ती परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी थी। उनके पिता दिनेश सोनकर खेती-किसानी करते हैं और माता मालती देवी एक कुशल गृहिणी हैं। सचिन के परिवार में उनके चाचा उत्तर प्रदेश पुलिस में ही इंस्पेक्टर (निरीक्षक) पद पर सेवारत हैं, जिनसे उन्हें हमेशा खाकी की सेवा करने की प्रेरणा मिलती रही।
थाना प्रभारी व स्टाफ ने दी बधाई, बोले—"हमें अपने सिपाही पर गर्व है"
सचिन के सब-इंस्पेक्टर परीक्षा उत्तीर्ण करने की खबर जैसे ही केराकत कोतवाली पहुंची, वैसे ही पूरे स्टाफ में हर्ष की लहर दौड़ गई। प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार पांडे और उपनिरीक्षक श्री राम सिंह सहित समस्त पुलिसकर्मियों ने उन्हें फूल-माला पहनाकर और मुंह मीठा कराकर सम्मानित किया। थाना प्रभारी ने बताया कि सचिन सोनकर बेहद अनुशासित, परिश्रमी और अपनी ड्यूटी के प्रति हमेशा सजग रहने वाले सिपाही हैं। अपनी लगन व ईमानदारी की वजह से ही उन्होंने बहुत कम समय में यह मुकाम हासिल किया है। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता पर पूरा केराकत पुलिस परिवार अत्यंत गर्व महसूस कर रहा है।
