हाईलाइट्स:
- लंबे समय से थी तलाश: जून महीने में एसओजी (SOG) और फेफना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए थे 26 गोवंश व 6 वाहन।
- मुखबिर की सूचना पर सफलता: थह्मनपुरा पुलिया के पास से रसड़ा के बड़की बौली निवासी मुन्ना प्रसाद राजभर को पुलिस ने किया गिरफ्तार।
- न्यायालय भेजा गया: फेफना पुलिस ने गिरफ्तार वांछित तस्कर के खिलाफ विधिक कार्रवाई पूरी कर भेजा जेल।
फेफना/बलिया (संतोष सिंह): स्थानीय थाना पुलिस ने गोवंश तस्करी के एक बड़े मामले में काफी समय से फरार चल रहे एक शातिर वांछित अभियुक्त को गुरुवार को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए न्यायालय भेज दिया। पकड़ा गया अभियुक्त जून महीने में एसओजी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त घेराबंदी के दौरान भारी मात्रा में गोवंश और वाहन छोड़कर भागने के मामले में वांछित चल रहा था।
एसओजी और स्थानीय पुलिस ने जून में पकड़े थे 26 गोवंश व 6 गाड़ियां
थानाध्यक्ष अखिलेश चंद्र पांडेय ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि जून माह में उपनिरीक्षक सुरेंद्र नाथ यादव वांछितों और वारंटियों की गिरफ्तारी के संबंध में हमराहियों के साथ सागरपाली क्षेत्र में मौजूद थे। इसी दौरान एसओजी (SOG) टीम के प्रभारी अजय साहनी ने दूरभाष के जरिए सूचना दी कि छह गाड़ियां, जिनमें पीछे पटरा लगाकर गोवंशों को बांधा गया है, पुलिस टीम को देखकर अलावलपुर चट्टी से वैना सागरपाली की तरफ भाग रही हैं। सूचना पर तत्परता दिखाते हुए स्थानीय पुलिस ने वैना रेलवे क्रॉसिंग के पास एसओजी टीम के सहयोग से घेराबंदी कर सभी 6 वाहनों को दबोच लिया था। वाहनों की तलाशी में 26 गोवंश (17 गाय और 9 बछड़ा-बछिया) बरामद किए गए थे।
थह्मनपुरा पुलिया के पास से दबोचा गया वांछित तस्कर
उक्त मामले में फरार चल रहे वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। गुरुवार को उपनिरीक्षक सुरेंद्र नाथ यादव को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि मामले का वांछित तस्कर क्षेत्र में ही मौजूद है। सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने थह्मनपुरा पुलिया के पास घेराबंदी कर आरोपी मुन्ना प्रसाद पुत्र स्वर्गीय फागुलाल राजभर (निवासी बड़की बौली, थाना रसड़ा, जनपद बलिया) को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपी का चालान कर विधिक प्रक्रिया के तहत उसे न्यायालय भेज दिया है।
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देने में थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश चंद्र पांडेय के नेतृत्व में उपनिरीक्षक सुरेंद्र नाथ यादव, एसओजी टीम और थाना पुलिस के जवान शामिल रहे।
