हाईलाइट्स:
- बिजली हादसों पर विधिक लगाम: मानसून व भारी बारिश के मद्देनजर गाजीपुर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने बुलाई विशेष प्रेसवार्ता; जन-सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता।
- त्वरित विधिक शिकायत निस्तारण: जर्जर पोल, लटकते तारों और झुके खंभों की शिकायत के लिए विशेष कंट्रोल रूम स्थापित; हेल्पलाइन नंबर ९४५३०४७२५३ जारी।
- लापरवाही पर विधिक गाज: सूचना मिलने पर यदि बिजली विभाग ने समय सीमा के भीतर नहीं किया विधिक निस्तारण, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ होगी कठोर दंडात्मक कार्रवाई।
गाजीपुर (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद में मानसून और बारिश के मौसम के दौरान बिजली से होने वाले संभावित जान-माल के हादसों को रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। कलेक्ट्रेट सभागार में एक विशेष प्रेसवार्ता का आयोजन कर जिलाधिकारी (डीएम) अनुपम शुक्ला ने इस विधिक अभियान की विस्तृत रूपरेखा साझा की। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जनपद के भीतर बिजली से जुड़े किसी भी प्रकार के हादसे को रोकना और नागरिकों की जान की हिफाजत करना प्रशासन की विधिक व सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कंट्रोल रूम नंबर ९४५३०४७२५३ जारी, मौके पर पहुंचेगा विधिक दस्ता
प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, बारिश के दिनों में अक्सर नमी, जलभराव और तेज हवाओं के चलते बिजली के पोल करंट का माध्यम बन जाते हैं या लटकते तार टूटकर गिर जाते हैं, जो बड़े विधिक हादसों का कारण बनते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि यदि किसी भी क्षेत्र में जर्जर बिजली का पोल, अत्यधिक झुका हुआ खंभा, ढीले व टूटे हुए तार अथवा करंट उतरने जैसी किसी भी विधिक दुर्घटना की आशंका दिखाई दे, तो आम जनता तत्काल प्रशासन द्वारा जारी विशेष कंट्रोल रूम के नंबर 9453047253 पर विधिक सूचना दर्ज कराए।
समय पर कार्रवाई न करने वाले अधिकारियों पर दर्ज होगा विधिक मुकदमा
प्रेसवार्ता के दौरान जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने बिजली विभाग (यूपीपीसीएल) के अभियंताओं और अधिकारियों को कड़े विधिक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि कंट्रोल रूम में शिकायत दर्ज होने के तत्काल बाद संबंधित विधिक टीम को मौके पर पहुंचकर समस्या का त्वरित निस्तारण करना होगा। यदि सूचना मिलने के बावजूद बिजली विभाग के कर्मचारियों या अधिकारियों द्वारा विधिक समय सीमा के भीतर लापरवाही बरती गई, तो इसे विधिक अपराध माना जाएगा और संबंधित उत्तरदायी अधिकारी के खिलाफ कड़ी विभागीय व वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सीधे डीएम के सीयूजी नंबर पर भी कर सकेंगे विधिक शिकायत
टुडे९ उत्तरप्रदेश से विशेष विधिक संवाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि यदि स्थानीय स्तर पर या बिजली विभाग के कंट्रोल रूम स्तर पर शिकायतों की अनदेखी होती है, तो नागरिक इस संबंध में सीधे जिलाधिकारी के आधिकारिक सीयूजी (CUG) मोबाइल नंबर पर अपनी विधिक शिकायत व साक्ष्य भेज सकते हैं। जिलाधिकारी स्वयं इन मामलों की विधिक मॉनिटरिंग करेंगे ताकि तत्काल प्रशासनिक हस्तक्षेप कर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन की इस त्वरित और सख्त विधिक व्यवस्था की गाजीपुर के संभ्रांत नागरिकों ने सराहना की है।
रिपोर्ट :- एकरार, गाजीपुर
