हाईलाइट्स:
- आंधी का विधिक प्रकोप: उभांव थाना क्षेत्र के ससना बहादुरपुर में शनिवार तड़के ४ बजे आया तेज अंधड़; प्राथमिक विद्यालय परिसर में गिरा ४० वर्ष पुराना विशालकाय पेड़।
- बड़ा हादसा टला: सुबह तड़के घटना होने से बाल-बाल बचे नौनिहाल; विद्यालय संचालन के समय गिरता पेड़ तो हो सकती थी बड़ी विधिक व जनहानि।
- मौके पर पहुंचे जनप्रतिनिधि: प्रधान प्रतिनिधि रमाशंकर यादव 'बाउल' ने त्वरित विधिक संज्ञान लेते हुए पेड़ को हटवाया; विभागीय जांच के बाद तय होगी क्षति की विधिक लागत।
बेल्थरा रोड/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत बेल्थरा रोड क्षेत्र में मौसम के बदले मिजाज और तेज आंधी के कारण एक प्राथमिक विद्यालय में भारी नुकसान होने की विधिक सूचना प्राप्त हुई है। उभांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम ससना बहादुरपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय 'बाबा के बारी' के परिसर में शनिवार तड़के भीषण आंधी के चलते एक विशालकाय पुराना पेड़ धराशायी हो गया। पेड़ गिरने से विद्यालय की विधिक संपत्ति को खासा नुकसान पहुंचा है, हालांकि समय रहते एक बहुत बड़ी अनहोनी होने से विधिक रूप से बच गई है।
४० वर्ष पुराना आम का पेड़ गिरने से बाउंड्री वॉल हुई विधिक रूप से क्षतिग्रस्त
प्राप्त आधिकारिक व स्थलीय विवरण के अनुसार, शनिवार तड़के करीब ४ बजे क्षेत्र में अचानक तेज आंधी और अंधड़ शुरू हो गया। इसी दौरान विद्यालय परिसर में खड़ा लगभग ४० वर्ष पुराना एक ऐतिहासिक व विशालकाय आम का पेड़ तेज हवाओं का वेग न सह पाने के कारण उखड़कर सीधे स्कूल की बाउंड्री वॉल पर जा गिरा। पेड़ के भारी वजन के कारण विद्यालय की पक्की बाउंड्री वॉल मलबे में तब्दील हो गई तथा परिसर के भीतर छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए कराए गए इंटरलॉकिंग विधिक कार्य को भी भारी क्षति पहुंची है। इस प्राकृतिक हादसे में कुल कितने राजस्व का नुकसान हुआ है, इसकी विधिक व वास्तविक अनुमानित लागत विभागीय स्तर पर स्थलीय जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
प्रधान प्रतिनिधि ने संभाला विधिक मोर्चा, तत्काल हटवाया मलबा
घटना की सूचना जैसे ही क्षेत्र में फैली, स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ स्कूल परिसर में जमा हो गई। मामले की विधिक जानकारी मिलते ही ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रमाशंकर यादव 'बाउल' तत्काल भारी लाव-लश्कर के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने त्वरित विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए मजदूरों और कटर मशीनों की सहायता से गिरे हुए विशालकाय पेड़ को परिसर से तत्काल हटवाया और रास्ते को सुगम कराया। इसके साथ ही उन्होंने मौके पर हुई विधिक व ढांचागत क्षति का बारीकी से निरीक्षण किया और इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजने की बात कही।
तड़के सुबह होने से टला बड़ा विधिक संकट, परिजनों ने ली राहत की सांस
टुडे९ उत्तरप्रदेश की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि यह विधिक हादसा शनिवार तड़के सुबह ४ बजे घटित हुआ, जब विद्यालय पूरी तरह बंद था और वहां किसी भी प्रकार का पठन-पाठन या प्रशासनिक कार्य नहीं चल रहा था। स्थानीय नागरिकों और कानूनविदों का कहना है कि यदि यह भयानक हादसा विद्यालय संचालन की विधिक अवधि (स्कूल टाइमिंग) के दौरान हुआ होता, तो परिसर में मौजूद मासूम बच्चों और शिक्षकों के साथ किसी बहुत बड़ी और दुखद अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता था। फिलहाल, विद्यालय प्रशासन को इस विधिक क्षति की लिखित सूचना खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को देने के निर्देश दिए गए हैं।
रिपोर्ट:- जयप्रकाश बरनवाल
