हाईलाइट्स:
- दोषियों पर एक्शन: उपनिरीक्षक (एसआई) सचिन सरोज और आरक्षी अंकित सिंह को पहले ही किया जा चुका है निलंबित।
- जनता से साक्ष्य की अपील: एडीएम अनिल कुमार ने कहा—"घटना का कोई भी वीडियो, फोटो या दस्तावेज हो, तो 24 जुलाई तक कोर्ट में आकर दें।"
- सच्चाई आएगी सामने: पुलिस अधीक्षक की संस्तुति पर जिला मजिस्ट्रेट ने बैठाई निष्पक्ष मजिस्ट्रियल जांच, निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा।
रेवती/बलिया (महेश): रेवती थाना परिसर में हुई कथित मारपीट और मौत के बेहद संवेदनशील प्रकरण में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर दी है。 इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग द्वारा पहले ही उपनिरीक्षक सचिन सरोज और आरक्षी अंकित सिंह को निलंबित किया जा चुका है। अब प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष सच्चाई और पारदर्शी साक्ष्य सामने लाने के लिए आम जनता से भी वीडियो, फोटो या अन्य सबूत उपलब्ध कराने की सार्वजनिक अपील की है।
गायघाट निवासी विशाल गोंड की तहरीर पर शुरू हुई विधिक जांच
यह पूरा मामला रेवती थाना क्षेत्र के गायघाट निवासी विशाल गोंड की तहरीर से जुड़ा हुआ है। पीड़ित विशाल का आरोप है कि 7 जुलाई को गांव में हुए एक विवाद के बाद 8 जुलाई को उनके पिता को जबरन रेवती थाने ले जाया गया, जहाँ पुलिसकर्मियों द्वारा कथित रूप से उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। इसी प्रकरण में पुलिस अधीक्षक के विशेष अनुरोध और संस्तुति पर जिला मजिस्ट्रेट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) को इसकी मजिस्ट्रियल जांच सौंपी है।
24 जुलाई तक एडीएम कार्यालय में साक्ष्य दे सकती है जनता
मामले की जांच कर रहे अपर जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) अनिल कुमार ने सर्वसाधारण को सूचित करते हुए कहा है कि जिस किसी भी व्यक्ति के पास इस घटनाक्रम से संबंधित कोई भी वीडियो, फोटो, दस्तावेज, ऑडियो रिकॉर्डिंग या प्रत्यक्षदर्शी के रूप में कोई पुख्ता जानकारी हो, वह आगामी 24 जुलाई 2026 तक उनके न्यायालय/कार्यालय में उपस्थित होकर अपना साक्ष्य पूरी निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत कर सकता है। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि इस जांच रिपोर्ट के आधार पर ही दोषियों के खिलाफ आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिला प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि इस मामले की जांच पूरी तरह से पारदर्शी, निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर की जा रही है, ताकि क्षेत्र के इस बड़े घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति और सच्चाई सबके सामने आ सके।
