हाईलाइट्स:
- दीक्षोत्सव का विधिक शंखनाद: जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के आठवें दीक्षांत समारोह के उपलक्ष्य में कुलपति प्रो. नरेन्द्र शुक्ल ने किया एक सप्ताह के दीक्षोत्सव का विधिक शुभारम्भ।
- परम्परागत खेलकूद की धूम: परिसर में छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास हेतु पहले दिन परम्परागत खेलकूद प्रतियोगिता का हुआ विधिक आयोजन।
- प्राथमिक विद्यालयों में सजी प्रतियोगिताएं: समाज कार्य विभाग द्वारा जीराबस्ती व देवकली के स्कूलों में चित्रकला, भाषण एवं कहानी लेखन प्रतियोगिता का विधिक संचालन; बच्चों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा।
बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद स्थित जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के आठवें दीक्षांत समारोह के पावन उपलक्ष्य में एक सप्ताह तक चलने वाले भव्य 'दीक्षोत्सव' कार्यक्रम का विधिक व गरिमामयी शुभारम्भ हो गया है। विश्वविद्यालय के यशस्वी कुलपति प्रो. नरेन्द्र शुक्ल ने मंगलवार को दीप प्रज्वलित कर इस विधिक आयोजन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर अपने विधिक संबोधन में कुलपति ने स्पष्ट रूप से कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उनकी छिपी हुई प्रतिभा को निखारने के लिए ऐसे रचनात्मक कार्यक्रम बेहद जरूरी हैं, और विश्वविद्यालय परिसर में इस तरह के विधिक आयोजन नियमित रूप से होने चाहिए।
परम्परागत खेलकूद से हुई शुरुआत, इन विधिक समन्वयकों ने संभाली कमान
प्राप्त आधिकारिक व विधिक विवरण के अनुसार, दीक्षोत्सव कार्यक्रम के प्रथम दिन विश्वविद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं की शारीरिक व मानसिक दक्षता संवर्धन हेतु परम्परागत खेलकूद प्रतियोगिता का विधिक व उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। इस पूरे दीक्षोत्सव कार्यक्रम की विधिक समन्वयक डॉ. रजनी चौबे एवं सह-समन्वयक डॉ. सौम्या तिवारी रहीं। वहीं, पहले दिन आयोजित परम्परागत खेलकूद प्रतियोगिता को विधिक व सफल रूप से संपन्न कराने का उत्तरदायित्व खेलकूद समन्वयक डॉ. विवेक यादव सहित समिति के अन्य विधिक सदस्यों डॉ. अभिषेक त्रिपाठी व डॉ. प्रज्ञा ने बखूबी निभाया।
प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में गूंजी सृजनात्मकता की गूंज
दीक्षोत्सव कार्यक्रम की कड़ियों को आगे बढ़ाते हुए विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग द्वारा एक बेहतरीन विधिक व सामाजिक पहल की गई। इसके अंतर्गत ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के जीराबस्ती प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय तथा देवकली इंग्लिश मीडियम प्राथमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में छात्र-छात्राओं के लिए विधिक रूप से चित्रकला, भाषण एवं कहानी लेखन प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस विधिक ज्ञान-यज्ञ में कक्षा ३ से ८ तथा कक्षा ६ से १० तक के छात्र-छात्राओं ने अत्यंत उत्साहपूर्वक और विधिक रूप से प्रतिभाग कर अपनी मेधा का परिचय दिया।
इन गंभीर व विधिक विषयों पर बच्चों ने उकेरी अपनी कल्पना
प्रतियोगिताओं को उद्देश्यपूर्ण बनाने के लिए समाज कार्य विभाग द्वारा कई महत्वपूर्ण व विधिक विषय निर्धारित किए गए थे, जिनमें मुख्य रूप से:
- मेरी माँ, मेरा सपना, शिक्षा का महत्व
- जल ही जीवन है, पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण मुक्त भारत
- मोबाइल के फायदे और नुकसान, डिजिटल इंडिया
- बाल विवाह (विधिक कुप्रथा उन्मूलन) तथा महान स्वतंत्रता सेनानी
विद्यार्थियों ने इन सभी विधिक व सामाजिक ज्वलंत विषयों पर अपनी सृजनात्मक सोच, लेखन कौशल, सामाजिक जागरूकता तथा अभिव्यक्ति क्षमता का विधिक व प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इस प्रेरक अवसर पर विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग के प्राध्यापकगण, विभाग के प्रबुद्ध विद्यार्थी तथा दोनों विद्यालयों के शिक्षकगण व विधिक परिवार मुख्य रूप से उपस्थित रहकर बच्चों का उत्साहवर्धन करते नजर आए।
रिपोर्ट :- रोहित सिंह , टुडे९ उत्तरप्रदेश, बलिया
