हाईलाइट्स:
- पैतृक संपत्ति पर संकट: फेफना थाना क्षेत्र निवासी पीड़ित गनेश प्रसाद गुप्ता ने पूर्व प्रधान के परिवार पर लगाया दबंगई व अवैध कब्जे के प्रयास का गंभीर विधिक आरोप।
- मुख्यमंत्री तक पहुंची गूंज: न्याय न मिलने पर पीड़ित ने जिला प्रशासन सहित सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को विधिक पत्रक भेजकर लगाई सुरक्षा की विहार।
- जांच में जुटी टीम: फेफना पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त विधिक टीम दस्तावेजों (खतौनी) के सत्यापन व स्थलीय विधिक जांच की तैयारी में जुटी।
फेफना/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत फेफना थाना क्षेत्र में एक पुश्तैनी मकान और कीमती पैतृक भूमि पर अवैध रूप से विधिक कब्जा करने के प्रयास का एक बेहद गंभीर मामला प्रकाश में आया है। क्षेत्र के निवासी एक पीड़ित व्यक्ति ने स्थानीय पूर्व प्रधान के रसूखदार परिवार पर गंभीर विधिक आरोप लगाते हुए अपनी सुरक्षा और विधिक न्याय की गुहार लगाई है। स्थानीय स्तर पर विधिक राहत न मिलने की आशंका को देखते हुए पीड़ित द्वारा जिला प्रशासन से लेकर सीधे सूबे के मुख्यमंत्री तक को विधिक शिकायती पत्रक प्रेषित किया गया है।
रसूख के बल पर पैतृक जमीन कब्जाने का आरोप, मानसिक प्रताड़ना का विधिक दावा
प्राप्त आधिकारिक व स्थलीय विवरण के अनुसार, फेफना क्षेत्र निवासी पीड़ित गनेश प्रसाद गुप्ता ने दिए गए विधिक पत्रक में आरोप लगाया है कि जिस मकान और जमीन पर उनका पूरा परिवार पीढ़ियों से शांतिपूर्ण व विधिक रूप से काबिज चला आ रहा है, उसे स्थानीय पूर्व प्रधान हीरा पासी का परिवार अपने राजनैतिक प्रभाव और विधिक रसूख के बल पर जबरन हड़पना चाहता है। पीड़ित का विधिक आरोप है कि जब भी उनके परिवार द्वारा इस अवैध विधिक कब्जे का शांतिपूर्ण विरोध किया जाता है, तो विपक्षी दल द्वारा उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है और जान-माल की विधिक धमकी देकर डराया-धमकाया जा रहा है, जिससे उनका पूरा परिवार क्षेत्र में विधिक रूप से असुरक्षित महसूस कर रहा है।
डीएम, एसपी से लेकर मुख्यमंत्री की चौखट तक खटखटाई, सौंपे विधिक साक्ष्य
मामले के विधिक व संवेदनशील स्वरूप को देखते हुए पीड़ित गनेश प्रसाद गुप्ता ने बलिया के माननीय जिला मजिस्ट्रेट (DM), पुलिस अधीक्षक (SP) और स्थानीय फेफना थाना को लिखित विधिक पत्रक सौंपकर पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया है। पीड़ित ने पत्रक के साथ अपनी पैतृक संपत्ति से जुड़े विधिक व राजस्व साक्ष्य भी प्रस्तुत किए हैं और मांग की है कि मौके की निष्पक्ष विधिक जांच कराकर उनकी संपत्ति को भू-माफियाओं से सुरक्षित किया जाए। इसके साथ ही पीड़ित ने उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी पत्रक भेजकर इस विधिक मामले में त्वरित प्रशासनिक हस्तक्षेप और न्यायसंगत विधिक कार्रवाई की मांग की है।
राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम करेगी विधिक प्रपत्रों की जांच
इस तरह के भू-विवाद मामलों में विधिक स्थापित नियमों के अनुसार, स्थानीय पुलिस और राजस्व विभाग (तहसीलदार/लेखपाल) की संयुक्त विधिक टीम मौके पर जाकर भूमि के विधिक दस्तावेजों जैसे खतौनी, रजिस्ट्री और पैमाइश आख्या की गहराई से जांच करती है। फेफना थाना पुलिस के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पीड़ित द्वारा दिए गए शिकायती पत्रक का विधिक संज्ञान ले लिया गया है। दोनों पक्षों के विधिक दस्तावेजों की गहनता से विधिक जांच करने तथा मौके पर कानून-व्यवस्था की स्थिति को अक्षुण्ण रखते हुए उचित वैधानिक व दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
रिपोर्ट :- संतोष सिंह , टुडे९ उत्तरप्रदेश, बलिया
