हाईलाइट्स:
- डीएम का कड़ा विधिक रुख: कलेक्ट्रेट सभागार में हर घर नल योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं को दी विधिक चेतवानी, लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही।
- सत्यापन के विधिक निर्देश: सभी तीन कार्यदायी संस्थाओं को ब्लॉकवार और ग्रामवार पाइपलाइन निर्माण की सूची सौंपने का आदेश, मौके पर टीम करेगी जांच।
- प्रगति रिपोर्ट तलब: बेलहरी में धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी; बांसडीह के सेरिया में ८ किमी पाइपलाइन का कार्य शेष, पूरे होते ही ३३४ गांवों को मिलेगा पानी।
बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश शासन के विधिक प्राथमिकताओं के अनुरूप ग्रामीण अंचलों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना 'जल जीवन मिशन' की प्रगति को लेकर बलिया जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में है। बुधवार १ जुलाई २०२६ को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित एक उच्च स्तरीय विधिक समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने हर घर नल योजना के क्रियान्वयन की बिंदुवार समीक्षा की। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट और विधिक लहजे में कार्यदायी संस्थाओं को सचेत किया कि भारत सरकार की इस कल्याणकारी योजना में किसी भी प्रकार की वित्तीय या व्यावहारिक लापरवाही क्षम्य नहीं होगी और गड़बड़ी मिलने पर विधिक धाराओं में कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बेलहरी में धीमी प्रगति पर नाराजगी, बांसडीह और हनुमानगंज की विधिक समीक्षा
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने ब्लॉकवार चल रही परियोजनाओं के भौतिक सत्यापन की प्रगति का जायजा लिया:
- विकासखंड बेलहरी: पानी की टंकी निर्माण की विधिक प्रगति अत्यंत धीमी पाए जाने पर डीएम ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। संबंधित अभियंताओं ने बताया कि ५० प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है, जिसपर शेष ५० प्रतिशत कार्य को विधिक समय-सीमा के भीतर युद्धस्तर पर पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया गया।
- विकासखंड बांसडीह: ग्राम सेरिया में सीडब्ल्यूआर (क्लियर वाटर रिजर्वयार) एवं कैंप हाउस का निर्माण प्रगति पर है। कार्यदायी संस्था ने विधिक रूप से अवगत कराया कि कुल ५०० किलोमीटर में से महज ०८ किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने का कार्य शेष है, जिसके पूर्ण होते ही क्षेत्र के ३३४ गांवों में पेयजल आपूर्ति विधिक रूप से बहाल हो जाएगी।
- विकासखंड हनुमानगंज व मनियर: हनुमानगंज के हैबतपुर में इंटेक निर्माण का ६५ प्रतिशत तथा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) का ५० प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। वहीं मनियर में इंटेक वेल और ओएचटी (ओवरहेड टैंक) के निर्माण के साथ लगभग ६० प्रतिशत पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है।
ब्लॉकवार सूची उपलब्ध कराने का विधिक आदेश, टीम करेगी औचक निरीक्षण
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में मौजूद तीनों मुख्य कार्यदायी संस्थाओं को विधिक निर्देश जारी किया कि वे तत्काल अपने-अपने क्षेत्रों की ब्लॉकवार एवं ग्रामवार पाइपलाइन निर्माण की विस्तृत विधिक सूची जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं। इस सूची के आधार पर प्रशासनिक अधिकारियों की एक विशेष विधिक टीम गठित कर धरातल पर बिछाई गई पाइपलाइनों और निर्माण की गुणवत्ता का भौतिक सत्यापन (विधिक वेरिफिकेशन) कराया जाएगा। यदि मौके पर मानक के विपरीत सामग्री का प्रयोग या कोई भी तकनीकी अनियमितता उजागर होती है, तो संबंधित ब्लैकलिस्टेड फर्मों के खिलाफ तत्काल विधिक व दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।
बाधाओं को लिखित में दें, समाधान होगा; लापरवाही पर नकेल: सीडीओ
समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ओजस्वी राज की गरिमामयी उपस्थिति रही। जिलाधिकारी ने अंत में निर्देश दिए कि यदि जमीनी स्तर पर या अंतर-विभागीय समन्वय में कोई विधिक बाधा या भूमि विवाद की समस्या आ रही हो, तो उसे तत्काल लिखित रूप में प्रस्तुत करें ताकि समय रहते उसका विधिक निस्तारण किया जा सके। उन्होंने दो टूक कहा कि आम जनता के स्वास्थ्य और विधिक अधिकारों से जुड़ी इस महा-योजना में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में जल निगम के अधिशासी अभियंता, विभिन्न विकासखंडों के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) एवं सहयोगी तकनीकी विभागों के विधिक प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
