हाईलाइट्स:
- खुली विधिक चुनौती: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा राम मंदिर का चंदा वापस मांगे जाने पर अयोध्या व बलिया के प्रख्यात ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद उपाध्याय का तीखा पलटवार।
- तैयार है १.११ लाख का चेक: पंडित उपाध्याय ने मीडिया के सामने एक लाख ११ हजार रुपये का चेक लहराते हुए कहा— "दिग्विजय सिंह जी, रसीद और बैंक खाता भेजिए, सनातनी आपका पैसा तुरंत लौटाएंगे।"
- चढ़ावे की हो रही जांच: स्पष्ट किया कि मंदिर निर्माण का विधिक कार्य चंदे से भव्यतापूर्वक पूर्ण हो चुका है; यह चंदा चोरी नहीं बल्कि चढ़ावे की विधिक जांच का विषय है, जिस पर कमेटी गठित है।
अयोध्या/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): अयोध्या में प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण और उसके पावन चंदे को लेकर शुरू हुआ सियासी व विधिक विवाद अब एक बेहद आक्रामक मोड़ पर पहुंच गया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता दिग्विजय सिंह द्वारा पूर्व में दिए गए चंदा वापसी और न्यायालय जाने के विधिक बयान पर अयोध्या व बलिया जनपद के मूल निवासी प्रख्यात ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद कुमार उपाध्याय ने एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तीखा पलटवार किया है। पंडित उपाध्याय ने दिग्विजय सिंह को सीधी विधिक चुनौती देते हुए कहा कि जो लोग भगवान राम के विधिक व ऐतिहासिक अस्तित्व को काल्पनिक मानते थे, उनका चंदा स्वीकार करना ही सनातनियों की सबसे बड़ी भूल थी।
यह चंदा चोरी का मामला नहीं, चढ़ावे की विधिक जांच पहले से है जारी
प्राप्त आधिकारिक व स्थलीय विवरण के अनुसार, प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पंडित विनोद उपाध्याय ने तथ्यों के साथ विधिक स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि देश-विदेश के रामभक्तों द्वारा जो चंदा स्वेच्छा से समर्पित किया गया था, उससे मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का दिव्य मंदिर विधिक रूप से बनकर तैयार हो चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा, "यह चंदा चोरी का मामला कतई नहीं है, बल्कि यह चढ़ावे से संबंधित विधिक विसंगति का विषय है। इस पर ट्रस्ट द्वारा पहले ही एक उच्च स्तरीय विधिक जांच कमेटी गठित की जा चुकी है, और जो भी दोषी पाया जाएगा उसे कानूनन सख्त सजा विधिक रूप से मिलना तय है। परंतु, चंदा चोरी का भ्रामक नाम लेकर करोड़ों सनातनियों की आस्था पर विधिक व मानसिक चोट करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
दिग्विजय सिंह को 'चेक' दिखाकर कहा— राजनीति बंद करिए, अपना खाता नंबर भेजिए
विदित हो कि कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पूर्व में १,११,००० रुपये (एक लाख ग्यारह हजार) का अपना चंदा वापस न मिलने पर कोर्ट जाने की विधिक धमकी दी थी। इस पर पंडित उपाध्याय ने अनोखा व साहसिक विधिक कदम उठाते हुए मीडिया के कैमरों के सामने ठीक १,११,००० रुपये का हस्ताक्षरित चेक प्रदर्शित किया। उन्होंने सीधे संवाद करते हुए कहा, "दिग्विजय सिंह जी, अगर आपको राम मंदिर के नाम पर दी गई राशि वापस चाहिए, तो न्यायालय का विधिक समय नष्ट करने की आवश्यकता नहीं है। हम सभी सनातनी भाई मिलकर आपका यह चंदा सहर्ष लौटाने को तत्पर हैं। आप बस अपनी विधिक चंदा रसीद और अपना बैंक अकाउंट विवरण भेज दीजिए, आपके नाम का चेक तैयार है, हम तुरंत विधिक बैंक ट्रांसफर सुनिश्चित कर देंगे।"
आस्था पर प्रहार से आहत सनातनी, भूल सुधारने को तैयार
पंडित विनोद उपाध्याय ने अत्यंत भावुक और विधिक रूप से कड़े शब्दों में कहा कि प्रभु श्री राम केवल ईंट-पत्थर का ढांचा मात्र नहीं हैं, बल्कि वे वैश्विक चेतना और करोड़ों हिंदुओं की विधिक व आध्यात्मिक आस्था के सर्वोच्च केंद्र हैं। जो लोग तुच्छ राजनीतिक लाभ के लिए राम के अस्तित्व पर ही सवाल उठाते हैं, उनका धन राम काज में विधिक रूप से लगाना ही अनुचित था। अब उस भूल को विधिक व व्यावहारिक रूप से सुधारते हुए हम उनका पैसा उनके मुंह पर वापस कर देंगे, ताकि भविष्य में इस पावन विषय पर कोई भी दल गंदी राजनीति न कर सके। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस और पंडित उपाध्याय के इस तीखे विधिक तेवर ने अयोध्या से लेकर लखनऊ और दिल्ली के सियासी गलियारों तक भारी हलचल पैदा कर दी है।
