हाईलाइट्स:
- प्रशासनिक हड़कंप: गाजीपुर शहर के ३ नामचीन कोचिंग संस्थानों को नियमों और मानकों की अनदेखी करने पर प्रशासन ने विधिक रूप से किया सीज।
- जांच के घेरे में २२ संस्थान: सदर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत संचालित सभी २२ कोचिंग सेंटरों की जांच के लिए डीएम ने दिए कड़े निर्देश।
- एसडीएम की दो टूक: एसडीएम पुष्पेंद्र पटेल ने कहा— मानकों में लापरवाही पर होगी सीधी विधिक कार्रवाई, अगले १५ दिनों तक लगातार चलेगा यह सघन जांच अभियान।
गाजीपुर (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज प्रशासनिक खबर सामने आ रही है। शहर में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे कोचिंग सेंटरों के खिलाफ जिला प्रशासन ने एक बड़ा और कड़ा विधिक रुख अख्तियार किया है। मंगलवार ३० जून २०२६ को जिलाधिकारी (डीएम) के विशेष विधिक निर्देशों के अनुपालन में पुलिस और प्रशासनिक टीम ने संयुक्त रूप से सघन छापेमारी करते हुए शहर के तीन बड़े कोचिंग संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया है। प्रशासन की इस औचक और बड़ी कार्रवाई से पूरे जिले के कोचिंग संचालकों में भारी हड़कंप और खलबली मच गई है।
गुरुकुल, हिन्द लाइब्रेरी और एकलव्य कोचिंग पर गिरा प्रशासनिक हंटर
प्राप्त आधिकारिक व विधिक विवरण के अनुसार, मंगलवार को सदर तहसील क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में चल रहे कोचिंग सेंटरों का प्रशासनिक टीम द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। इस सघन विधिक जांच के दौरान शहर के सुप्रसिद्ध गुरुकुल कोचिंग, हिन्द लाइब्रेरी और एकलव्य कोचिंग संस्थान में सुरक्षा व्यवस्था, पंजीकरण, अग्निशमन यंत्र और अन्य निर्धारित विधिक मानकों की घोर लापरवाही और अनदेखी पाई गई। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े विधिक नियमों का उल्लंघन मिलने पर एसडीएम सदर के नेतृत्व में पहुंची टीम ने तीनों संस्थानों को मौके पर ही विधिक रूप से सीज कर दिया।
डीएम के निर्देश पर रडार पर हैं सदर के कुल २२ कोचिंग संस्थान
प्रशासनिक अधिकारियों ने टुडे९ उत्तरप्रदेश को विधिक जानकारी देते हुए बताया कि गाजीपुर के सदर तहसील क्षेत्र में वर्तमान में कुल २२ कोचिंग संस्थान पंजीकृत व संचालित हैं। इन सभी संस्थानों की भौतिक स्थिति, सुरक्षा मानकों और विधिक कागजातों की बारीकी से जांच करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट द्वारा एक विशेष विधिक समिति का गठन किया गया है। अभियान के तहत पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें एक-एक संस्थान की विधिक कड़ियों को खंगाल रही हैं, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय विधिक घटना या हादसे को रोका जा सके।
लापरवाही पर नहीं मिलेगी कोई ढील, १५ दिनों तक जारी रहेगा एक्शन: एसडीएम
इस बड़ी विधिक कार्रवाई को लेकर एसडीएम पुष्पेंद्र पटेल ने आधिकारिक 'बाइट' (वक्तव्य) देते हुए स्पष्ट किया कि बच्चों के जीवन और सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का विधिक समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा यह विशेष जांच अभियान आगामी १५ दिनों तक लगातार पूरी कड़ाई से जारी रहेगा। यदि इस अवधि के दौरान जांच के घेरे में आए अन्य किसी भी कोचिंग संस्थान या शिक्षण केंद्र में नियमों की विधिक लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी बिना किसी रियायत के तत्काल विधिक सीजिंग और दंडात्मक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
