हाईलाइट्स:
- प्रथम पुण्यतिथि पर नमन: श्रीमती फुलेहरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन में संस्थापिका स्व. राजकुमारी सिंह की प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित।
- संस्कार और शिक्षा की मिसाल: बेटियों की शिक्षा, अनुशासन और आत्मनिर्भरता के प्रति स्व. राजकुमारी सिंह के समर्पण को किया गया याद।
- प्रबंध निदेशक का संकल्प: ऋषिराज सिंह ने कहा—दादी के दिखाए मार्ग पर चलकर नैतिक मूल्यों व उत्कृष्ट शिक्षा के लिए निरंतर कार्य करेगा संस्थान।
रसड़ा/बलिया (सुमित गुप्ता): जनपद बलिया के रसड़ा स्थित श्रीमती फुलेहरा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन की संस्थापिका स्वर्गीय श्रीमती राजकुमारी सिंह की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर मंगलवार को संस्थान परिसर में एक भव्य एवं भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान फुलेहरा परिवार, शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा और उन्हें नम आंखों से याद किया।
शिक्षा और महिला सशक्तिकरण की थीं प्रबल समर्थक
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय राजकुमारी सिंह का जीवन सेवा, त्याग, संस्कार और शिक्षा के प्रति समर्पण की एक अमर मिसाल था। वे विशेष रूप से बेटियों की शिक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता की प्रबल समर्थक थीं। उनके दूरदर्शी सोच और भागीरथ प्रयासों का ही परिणाम है कि आज हजारों छात्र-छात्राएं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर अपना भविष्य संवार रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि फुलेहरा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन आज शिक्षा, अनुशासन और मूल्यों का जो प्रमुख केंद्र बना है, वह उनके ही आदर्शों का जीवंत प्रतीक है।
दादी के आदर्शों पर आगे बढ़ेगा संस्थान: ऋषिराज सिंह
संस्थान के प्रबंध निदेशक (MD) ऋषिराज सिंह ने अपनी पूज्य दादी को नमन करते हुए कहा कि वे सदैव मानती थीं कि सच्ची शिक्षा ही चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण की वास्तविक आधारशिला है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि संस्थान उनके बताए मार्ग, सिद्धांतों और आदर्शों पर चलते हुए क्षेत्र में उत्कृष्ट शिक्षा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर पूरी निष्ठा के साथ कार्य करता रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने शिक्षा, अनुशासन और सामाजिक दायित्वों के प्रति सदैव समर्पित रहने का संकल्प लिया।
श्रद्धांजलि सभा में ये लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर मुख्य रूप से डॉ. विनय कुमार गिरी, डॉ. वीरेंद्र मौर्य, उमा सिंह, रणजीत सिंह, श्रवण सिंह, आशुतोष पांडेय, जयश्री यादव, इंद्रदेव सिंह, ललित चौहान, प्रेमचंद यादव, चुन्नू सिंह, पिंकू सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में गणमान्य नागरिक, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
