Type Here to Get Search Results !

Recent in Sports

Subscribe Us

रसड़ा: नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर अखनपुरा में तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग संपन्न, गोविंद सिंह बोले—पंचपदी शिक्षण पद्धति से शिक्षण होगा प्रभावी


 

हाईलाइट्स:

  • तीन दिवसीय प्रशिक्षण: नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर अखनपुरा में पंचपदी शिक्षण पद्धति और शैक्षणिक तकनीकी संवर्धन पर वर्कशॉप आयोजित।
  • संस्कार और तकनीक का समन्वय: प्रांत प्रशिक्षण प्रमुख गोविंद सिंह और विभाग प्रचारक अंबेश जी ने शिक्षकों को दी प्रेरणा।
  • शिक्षकों ने लिया संकल्प: विभिन्न सरस्वती विद्या मंदिरों के आचार्यों ने सीखा आधुनिक पाठ योजना और डिजिटल संसाधनों का प्रभावी उपयोग।

रसड़ा/बलिया (सुमित गुप्ता): जनपद बलिया के रसड़ा क्षेत्र अंतर्गत नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर, अखनपुरा में 'पंचपदी शिक्षण पद्धति' पर आधारित पाठ योजना निर्माण एवं शैक्षणिक तकनीकी संवर्धन विषयक तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण वर्ग में विभिन्न सरस्वती विद्या मंदिरों तथा शिक्षण संस्थानों से आए बड़ी संख्या में आचार्यों (शिक्षकों) ने सहभागिता कर आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, तकनीकी नवाचारों और गतिविधि-आधारित अधिगम का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।

पंचपदी पद्धति से बढ़ेगा विद्यार्थियों का आत्मविश्वास

​प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ प्रांत प्रशिक्षण प्रमुख गोविंद सिंह के मुख्य आतिथ्य में दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि गोविंद सिंह ने कहा कि पंचपदी शिक्षण पद्धति विद्यार्थियों में जिज्ञासा, चिंतन, आत्मविश्वास और व्यावहारिक ज्ञान विकसित करने की अत्यंत प्रभावी प्रणाली है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप यदि शिक्षक आधुनिक तकनीक और भारतीय शिक्षण परंपरा का बेहतर समन्वय करें, तो शिक्षा की गुणवत्ता में क्रांतिकारी सुधार होगा।

विशेषज्ञों और प्रधानाचार्यों ने साझा किए विचार

​कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में देवरिया के प्रधानाचार्य मानबहादुर सिंह, मेजबान विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राजेंद्र पांडे, मालदेपुर के प्रधानाचार्य शैलेंद्र त्रिपाठी, नगर के प्रधानाचार्य मनोज पांडे तथा बेल्थरा रोड के प्रधानाचार्य जयप्रकाश गिरी उपस्थित रहे। प्रधानाचार्य डॉ. राजेंद्र पांडे ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण शिक्षकों के शिक्षण कौशल को निखारते हैं। वहीं अन्य वक्ताओं ने भी नवाचार आधारित शिक्षण को वर्तमान समय की महती आवश्यकता बताया।

मास्टर ट्रेनर्स ने दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण

​प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर देवेंद्र मिश्रा, कमलेश मिश्रा, उज्ज्वल वर्मा एवं संगीता सिंह ने पंचपदी शिक्षण पद्धति, प्रभावी पाठ योजना निर्माण, शैक्षणिक तकनीकी संवर्धन, डिजिटल संसाधनों के प्रयोग तथा गतिविधि-आधारित शिक्षण पर अभ्यास कराया। प्रतिभागी शिक्षकों ने समूह कार्य और प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बारीकियों को सीखा।

शिक्षक ही राष्ट्र निर्माण की आधारशिला: विभाग प्रचारक

​समापन सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के विभाग प्रचारक अंबेश जी ने अपने ओजस्वी विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक ही राष्ट्र निर्माण की वास्तविक आधारशिला हैं। शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल परीक्षा पास करना नहीं, बल्कि संस्कारवान, चरित्रवान और राष्ट्रनिष्ठ नागरिकों का निर्माण करना है। उन्होंने आचार्यों से भारतीय जीवन मूल्यों व आधुनिक तकनीक का समन्वय स्थापित करने का आह्वान किया।

​वर्ग के समापन पर सभी प्रतिभागी शिक्षकों ने प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों को अपने-अपने विद्यालयों के कक्षा-कक्ष में लागू करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत एवं आभार प्रदर्शन के साथ हुआ।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

LIVE
JobsBhaiya India's Trusted Job Portal
✓ Sarkari Jobs ✓ Private Jobs ✓ Admit Card ✓ Results
Visit Now

Below Post Ad

खबर एवं विज्ञापन लगवाने के लिए संपर्क करें 7275144706 पर। या हमें ई मेल करें today9uttarpradesh@gmail.com पर।