हाईलाइट्स:
- विद्यार्थियों का मार्गदर्शन: नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर अखनपुरा में कक्षा 10वीं व 12वीं के छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित हुआ 'लक्ष्य बोध पत्रक' कार्यक्रम।
- विशेषज्ञों के विचार: डायट प्रवक्ता जानू राम, मनोवैज्ञानिक देवेंद्र कुमार सिंह और डॉ. सुरेश मिश्रा ने लक्ष्य निर्धारण के वैज्ञानिक व आध्यात्मिक पहलुओं पर डाला प्रकाश।
- त्रिकोणीय सहभागिता: विद्यार्थी, अभिभावक और अध्यापकों के समन्वय से सफलता हासिल करने पर जोर।
रसड़ा/बलिया (सुमित गुप्ता): जनपद बलिया के रसड़ा स्थित नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर, अखनपुरा में कक्षा दशम (10वीं) एवं द्वादश (12वीं) के भैया-बहनों के लिए 'लक्ष्य बोध पत्रक' कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सही लक्ष्य निर्धारण, उसकी प्राप्ति हेतु सटीक कार्ययोजना बनाने तथा विद्यार्थी, अभिभावक एवं शिक्षक की साझा भूमिका के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम की प्रस्ताविकी एवं अतिथियों का परिचय कराते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राजेंद्र पांडेय ने कहा कि छात्र जीवन में एक स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर अपनी पूरी प्रतिभा और ऊर्जा को सही दिशा देना बेहद आवश्यक है।
लक्ष्य केवल सपना नहीं, अनुशासित प्रयासों का परिणाम: जानू राम
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डायट (DIET) प्रवक्ता जानू राम ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि लक्ष्य केवल कोई सपना नहीं है, बल्कि यह स्पष्ट योजना और निरंतर अभ्यास का प्रतिफल है। बड़े लक्ष्यों को छोटे-छोटे चरणों में विभाजित कर समय का सही उपयोग, नियमित आत्ममूल्यांकन और असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ना ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य भविष्य की महज कल्पना नहीं, बल्कि वर्तमान के अनुशासित प्रयासों की सही दिशा है।
वैज्ञानिक और आध्यात्मिक आधार पर हुआ मंथन
विशिष्ट अतिथि एवं प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक देवेंद्र कुमार सिंह ने लक्ष्य निर्धारण के वैज्ञानिक पक्ष को उजागर करते हुए बताया कि लक्ष्य हमेशा छात्र की रुचि, क्षमता और परिस्थितियों के अनुरूप होना चाहिए। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मथुरा पीजी कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. सुरेश मिश्रा ने कहा कि विज्ञान लक्ष्य प्राप्ति की विधि देता है, जबकि अध्यात्म उसे सही दिशा और उद्देश्य प्रदान करता है।
अभिभावकों ने भी रखे विचार
समारोह में उपस्थित अभिभावकों रिंकू पटेल, डॉ. उमेश प्रताप सिंह एवं डॉ. महेश कनौजिया ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सफलता में घर का सकारात्मक वातावरण और उनका निरंतर प्रोत्साहन सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम के आयोजन प्रमुख सुमंत ठाकुर रहे, जबकि अंत में शिवम सिंह ने सभी नवागंतुक अतिथियों व अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया। 'लक्ष्य बोध पत्रक' कार्यक्रम विद्यार्थियों को योजनाबद्ध व अनुशासित तरीके से अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा देने वाला एक उत्कृष्ट मंच साबित हुआ।
