हाईलाइट्स:
- बड़ी मांग: विश्व हिंदू परिषद और गौरक्षा विभाग ने गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध व गौमाता को 'राष्ट्र माता' घोषित करने की उठाई मांग।
- 3.50 लाख हस्ताक्षर: जिलाधिकारी जौनपुर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, पीएम, सीएम और राज्यपाल को प्रेषित किया गया ज्ञापन।
- डिजिटल प्रति भी सौंपी: पेनड्राइव में डिजिटल प्रति के साथ-साथ गौ तस्करी पर सख्त कानून और गौशालाओं की नियमित निगरानी की अपील।
जौनपुर (पंकज राय): संपूर्ण भारत में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने एवं गौमाता को 'राष्ट्र माता' का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर सोमवार को विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और गौरक्षा विभाग के पदाधिकारियों ने अपनी आवाज बुलंद की। पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी जौनपुर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल के नाम लगभग 3.50 लाख गोभक्तों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन की एक डिजिटल प्रति पेनड्राइव के माध्यम से भी जिला प्रशासन को प्रेषित की गई।
सनातन संस्कृति में गौमाता का विशेष स्थान
ज्ञापन सौंपने के दौरान वीएचपी पदाधिकारियों ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौमाता का अत्यंत धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व है। ऐसे में पूरे देश में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने मांग की कि गौ तस्करी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा इसमें संलिप्त दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कड़े कानून बनाए जाएं। इसके साथ ही सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गौवंश के संरक्षण, इलाज एवं उनके समुचित पालन-पोषण की स्थायी व्यवस्था की जाए।
गौशालाओं की निगरानी और बजट की मांग
विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने जोर देते हुए कहा कि प्रदेश एवं देश की सभी गौशालाओं की नियमित निगरानी की जानी चाहिए। उनके सुचारु संचालन और रखरखाव के लिए सरकार पर्याप्त संसाधन और बजट उपलब्ध कराए, जिससे गौवंश का संरक्षण प्राथमिकता के आधार पर हो सके। उन्होंने कहा कि गौमाता को उनके गरिमामय सम्मान के अनुरूप सुरक्षा प्रदान करते हुए आधिकारिक रूप से "राष्ट्र माता" घोषित किया जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान ये रहे मौजूद
इस दौरान मुख्य रूप से जिला गौरक्षा विभाग के प्रमुख पवन जी, जिला मंत्री महेंद्र सिंह सनातनी, जिला गौरक्षा सह-प्रमुख अजय मिश्रा, रमाकांत जी, राहुल दुबे, बृजेश यादव, फागू लाल सहित विश्व हिंदू परिषद व गौरक्षा विभाग के तमाम पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संगठन ने केंद्र व राज्य सरकार से इन मांगों पर अतिशीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।
