हाईलाइट्स:
- बुलडोजर कार्रवाई: सदर तहसील के गाजीपुर कस्बे में तालाब की सरकारी जमीन पर बने अवैध पक्के मकानों को किया गया ध्वस्त।
- अंतिम चेतावनी: नोटिस दिए जाने के बावजूद नहीं हटाया गया था अतिक्रमण; राजस्व और पुलिस टीम की मौजूदगी में चला प्रशासन का बुलडोजर।
- 10 दिन का अल्टीमेटम: अन्य अवैध कब्जेदारों को 10 दिन के भीतर कब्जा हटाने का नोटिस; कार्रवाई से हड़कंप।
फतेहपुर (अज़हरुद्दीन): उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में अवैध अतिक्रमण और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ प्रशासन का सख्त रुख जारी है। इसी क्रम में जिले की सदर तहसील अंतर्गत आने वाले गाजीपुर कस्बे में प्रशासन की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तालाब की बहुमूल्य जमीन पर बने अवैध पक्के निर्माणों को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र के भू-माफियाओं और अवैध कब्जेदारों में हड़कंप मचा हुआ है।
नोटिस के बावजूद नहीं हटाया गया था अतिक्रमण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सदर तहसील के गाजीपुर कस्बे में स्थित तालाब की सरकारी जमीन पर कुछ लोगों द्वारा लंबे समय से पक्का निर्माण कराकर अवैध कब्जा कर लिया गया था। इस मामले में प्रशासन और राजस्व विभाग द्वारा संबंधित कब्जेदारों को पूर्व में ही नियमानुसार नोटिस जारी कर स्वतः अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, समय सीमा बीत जाने के बावजूद कब्जेदारों द्वारा अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद प्रशासन को सख्त कदम उठाना पड़ा।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जमींदोज हुए पक्के मकान
तहसील प्रशासन, राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस बल की संयुक्त मौजूदगी में भारी पुलिस बल के साथ बुलडोजर गाजीपुर कस्बे में पहुंचा। टीम ने बिना किसी ढिलाई के तालाब की जमीन पर बने अवैध पक्के मकानों और निर्माणों को एक-एक कर ध्वस्त कर दिया। पूरी कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।
अन्य कब्जेदारों को 10 दिनों का सख्त अल्टीमेटम
तहसील प्रशासन ने मौके पर मौजूद अन्य स्थाई व अस्थाई कब्जेदारों को अंतिम चेतावनी देते हुए 10 दिनों के अंदर स्वयं ही अतिक्रमण हटाने का नोटिस थमा दिया है। अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि निर्धारित 10 दिनों के भीतर कब्जा नहीं हटाया गया, तो पुनः बुलडोजर चलाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी और इसका पूरा खर्च भी कब्जेदारों से ही वसूला जाएगा।
