हाईलाइट्स:
- सफाई व्यवस्था ध्वस्त: पहली बरसात में ही बेल्थरारोड नगर की सड़कें, गलियां, अस्पताल और स्कूल परिसर बने ताल-पोखर।
- परिवहन निगम डिपो बना जलाशय: बसों तक पहुँचने के लिए कीचड़-पानी से जूझ रहे यात्री; भाजपा मंडल अध्यक्ष दिलीप सिंह ने परिवहन मंत्री से लगाई गुहार।
- किसानों में खुशी: तापमान में गिरावट से मौसम हुआ सुहाना; खेतों में पानी भरते ही धान की रोपाई में जुटे किसान।
बेल्थरारोड/बलिया (जयप्रकाश बर्नवाल): क्षेत्र में सोमवार की सुबह से दोपहर तक हुई मौसम की पहली झमाझम बरसात ने जहाँ लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं नगर पंचायत की सफाई व्यवस्था के दावों की पूरी तरह पोल खोलकर रख दी। बरसात के बाद नगर की कोई भी गली, मुख्य मार्ग, स्कूल या अस्पताल ऐसा नहीं बचा जहाँ घुटने भर पानी न भरा हो। जलजमाव के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
स्कूल और बीआरसी कार्यालय डूबे, ठप हुई बच्चों की पढ़ाई
बारिश के चलते नगर का प्रमुख चरण सिंह तिराहा, इमिलिया मोड़ और जूनियर हाई स्कूल सीयर (जिसके प्रांगण में बीआरसी कार्यालय भी संचालित होता है) सोमवार की शाम तक पूरी तरह जलमग्न नजर आए। बीआरसी कार्यालय और स्कूल परिसर में पानी भर जाने के कारण बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह ठप हो गई। जलभराव के चलते राहगीरों और स्थानीय लोगों का आवागमन बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया।
परिवहन डिपो में बदहाली, कीचड़ से होकर बसों तक पहुँच रहे यात्री
उत्तर प्रदेश सड़क परिवहन निगम का स्थानीय डिपो कई दिनों से जलाशय बना हुआ है। बरसात के बाद डिपो परिसर में भारी जलजमाव और कीचड़ के कारण यात्रियों का आना-जाना दूभर हो गया है। बसों में चढ़ने के लिए यात्रियों को गंदे पानी और कीचड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। हालांकि, इस डिपो के नवनिर्माण की बात कही जा रही है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि के अभाव में निर्माण शुरू होने की तिथि स्पष्ट नहीं है। भाजपा के मंडल अध्यक्ष दिलीप सिंह ने प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री और संबंधित उच्च अधिकारियों का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकृष्ट करते हुए जनहित में जल्द निस्तारण की मांग की है।
धान की रोपाई में तेजी, किसानों के चेहरे खिले
एक तरफ जहाँ नगर क्षेत्र में जलभराव मुसीबत बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ इस बारिश ने किसानों के चेहरे पर खुशी ला दी है। खेतों में पर्याप्त पानी भर जाने से पिछड़ रही धान की रोपाई का काम अब तेज हो गया है। किसान अपने पूरे परिवार के साथ हर काम छोड़कर रोपाई में जुट गए हैं। वहीं, बारिश के बाद तापमान में दर्ज की गई भारी गिरावट से मौसम काफी सुहाना हो गया है।
