हाईलाइट्स:
- सुरक्षा से खिलवाड़: रसड़ा नगर के व्यस्ततम सदर बाजार, मुसफी तिराहा और प्राइवेट बस स्टैंड मार्ग पर जर्जर विद्युत पोल और लटकते तार बने बड़ी आफत।
- व्यापारियों का विधिक आक्रोश: व्यापार कल्याण समिति ने विद्युत विभाग और नगर पालिका प्रशासन को चेताया; अनहोनी होने से पहले पोल बदलने की पुरजोर मांग।
- जिम्मेदारी होगी तय: संरक्षक सुरेश चन्द, अध्यक्ष मु. युनूस और महामंत्री आशुतोष सोनी बोले—"हादसा हुआ तो पूरी विधिक जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।"
रसड़ा/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत रसड़ा नगर क्षेत्र में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही के चलते स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों के सिर पर हर समय मौत का साया मंडरा रहा है। नगर के सबसे व्यस्ततम व्यापारिक और रिहायशी बाजारों में वर्षों से जर्जर हो चुके बिजली के खंभे और मकड़जाल की तरह लटक रहे तार आमजन की विधिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर और संवेदनशील खतरा बन चुके हैं। विशेष रूप से वर्तमान मानसूनी मौसम, भारी बारिश और तेज आंधी के दौर में इन टेढ़े हो चुके पोलों की विधिक स्थिति और भी ज्यादा भयावह हो गई है, जिससे कभी भी कोई बड़ा विधिक हादसा धरातल पर घटित हो सकता है।
इन प्रमुख स्थलों पर मंडरा रहा है सबसे बड़ा विधिक खतरा
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों द्वारा दी गई आधिकारिक व स्थलीय जानकारी के अनुसार, नगर के अत्यंत व्यस्त सदर बाजार में अजीत अग्रवाल की दुकान के समीप, मुसफी तिराहा स्थित मिठाई दुकान के पास तथा प्राइवेट बस स्टैंड के ठीक आगे होलसेल (थोक) गल्ला बाजार में लगे कई भारी-भरकम विद्युत पोल पूरी तरह से जर्जर, सड़े और टेढ़े हो चुके हैं। कई स्थानों पर तो हाई-वोल्टेज बिजली के तार जमीन से महज कुछ फीट ऊपर लटक रहे हैं। इन मुख्य मार्गों से रोजाना हजारों ग्राहकों, महिलाओं, स्कूली बच्चों और राहगीरों का आवागमन होता है। ऐसे में जलभराव या आंधी के दौरान करंट उतरने या पोल गिरने की आशंका से लोग खौफजदा हैं।
व्यापार कल्याण समिति ने संभाला मोर्चा, तत्काल विधिक कार्रवाई की मांग
इस गंभीर जन-समस्या को लेकर 'व्यापार कल्याण समिति, रसड़ा' ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। समिति ने विद्युत विभाग (यूपीपीसीएल) और नगर पालिका प्रशासन के रवैये पर गहरी चिंता जताते हुए तत्काल प्रभाव से कड़े विधिक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है। समिति के पदाधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि प्रशासन को किसी बड़ी दुर्घटना या जनहानि का इंतजार करने के बजाय जनहित में तत्काल एक विशेष विधिक अभियान चलाकर इन क्षतिग्रस्त पोलों को बदलवाना चाहिए और लटकते तारों को केबलिंग के माध्यम से व्यवस्थित कराना चाहिए।
लापरवाही बरतने पर विधिक आंदोलन की चेतावनी
टुडे९ उत्तरप्रदेश से विशेष विधिक संवाद स्थापित करते हुए व्यापार कल्याण समिति, रसड़ा के संरक्षक सुरेश चन्द, अध्यक्ष मु. युनूस तथा महामंत्री आशुतोष सोनी ने संयुक्त रूप से कहा कि बाजार क्षेत्र नगर का हृदय स्थल है। यहां रोजाना करोड़ों रुपये का व्यापार होता है और हजारों लोगों की भीड़ उमड़ती है। ऐसे में जर्जर अव्यवस्था कभी भी बड़ी जान-माल की विधिक क्षति का कारण बन सकती है। उन्होंने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि त्वरित विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए जर्जर खंभों को नहीं बदला गया, तो व्यापारी समाज सड़कों पर उतरकर विधिक विरोध प्रदर्शन करने के लिए विवश होगा और किसी भी संभावित हादसे की संपूर्ण विधिक जिम्मेदारी सीधे तौर पर विद्युत विभाग की होगी।
रिपोर्ट :- सुमित गुप्ता, रसड़ा (बलिया)
