हाईलाइट्स:
- हंसता-खेलता परिवार उजाड़ा: कोतवाली थाना क्षेत्र के जमुआ गांव में बिजली बोर्ड ठीक करते समय १८ वर्षीय युवक अमन कुमार खरवार को लगा जोरदार विधिक व जानलेवा झटका।
- इलाज के दौरान तोड़ा दम: अचेत अवस्था में परिजन लेकर दौड़े जिला अस्पताल, डॉक्टरों की विधिक परीक्षण टीम ने युवक को घोषित किया मृत।
- सपनों का असमय अंत: हाल ही में उत्तीर्ण की थी इंटरमीडिएट की परीक्षा; बीए (BA) में प्रवेश लेकर उच्च शिक्षा हासिल करने का विधिक सपना रह गया अधूरा, गांव में पसरा मातम।
बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद अंतर्गत कोतवाली थाना क्षेत्र के जमुआ गांव से एक अत्यंत हृदयविदारक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। घर के बिजली बोर्ड को दुरुस्त करते समय अचानक करंट की चपेट में आ जाने से एक १८ वर्षीय होनहार युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण आकस्मिक हादसे ने एक हंसते-खेलते और उम्मीदों से भरे परिवार की खुशियों को पलभर में विधिक व मानसिक रूप से उजाड़ कर रख दिया है। जवान बेटे की मौत की खबर जैसे ही गांव में फैली, समूचे क्षेत्र में शोक और मातम की लहर दौड़ गई।
बिजली का स्विच ठीक करते वक्त हुआ दर्दनाक विधिक हादसा
प्राप्त आधिकारिक व स्थलीय विवरण के अनुसार, मृतक की पहचान जमुआ गांव निवासी अमन कुमार खरवार (१८) पुत्र राजकुमार खरवार के रूप में की गई है। परिजनों ने रोते हुए बताया कि मंगलवार को अमन घर के भीतर लगे बिजली के बोर्ड और खराब पड़े स्विच को ठीक करने का प्रयास कर रहा था। इसी विधिक प्रक्रिया के दौरान अचानक वह खुले तारों में प्रवाहित हो रहे हाई-वोल्टेज करंट की चपेट में आ गया। करंट का झटका इतना जोरदार था कि अमन चीख भी न सका और तत्काल जमीन पर अचेत होकर गिर पड़ा। घबराए परिजन आनन-फानन में उसे गंभीर हालत में लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां आपातकालीन विधिक वार्ड के चिकित्सकों ने गहन परीक्षण के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया।
आंखों में तैर रहे थे उच्च शिक्षा के सपने, जो अधूरे ही दफन हो गए
अमन की इस असामयिक विधिक मृत्यु से न केवल उसके परिवार, बल्कि पूरे जमुआ गांव की आंखें नम हैं। परिजनों ने रुंधे गले से बताया कि अमन पढ़ाई में बेहद मेधावी था और उसने हाल ही में शानदार अंकों के साथ इंटरमीडिएट (12वीं) की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। वह आगे की उच्च शिक्षा के लिए स्नातक (बीए) प्रथम वर्ष में दाखिला लेने की तैयारियों में जुटा हुआ था। अमन अपने माता-पिता और समाज की बड़ी उम्मीद था। वह अपने दो भाइयों में से एक था, जिससे पूरे परिवार को बहुत सहारा था, परंतु नियति की विधिक विडंबना के आगे सब कुछ पलभर में समाप्त हो गया।
घर पर मची चीख-पुकार, जिला अस्पताल से लेकर गांव तक कोहराम
अस्पताल से जैसे ही अमन के विधिक शव को लेकर परिजन गांव पहुंचे, पूरे इलाके में कोहराम मच गया। इकलौते जवान बेटे का बेजान शरीर देख बिलख रहे माता-पिता के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। मां और भाई का रो-रोकर बुरा हाल है, जिन्हें ढांढस बंधाने के लिए जमुआ गांव के सैकड़ों ग्रामीण और संभ्रांत नागरिक पीड़ित परिवार के द्वार पर डटे हुए हैं। पुलिस प्रशासन को भी मामले की विधिक सूचना दे दी गई है, जिसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर आगामी विधिक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
