हाईलाइट्स:
- बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ: जिलाधिकारी के निर्देशन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुरली छपरा में नवजात बच्चियों और माताओं का हुआ भव्य स्वागत।
- मिले उपहार: जन्मोत्सव के अवसर पर नवजात बालिकाओं को बेबी किट, मच्छरदानी, डायपर, मिठाई और जलपान का किया गया वितरण।
- योजनाओं की जानकारी: स्वास्थ्य केंद्र पर जुटे परिवारों को बालिकाओं के पोषण, शिक्षा, सुरक्षा और विभिन्न कल्याणकारी सरकारी योजनाओं के बारे में किया गया जागरूक।
मुरली छपरा/बलिया (डॉक्टर विजया वर्मा): जिलाधिकारी के निर्देशन एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेंद्र कुमार पौत्स्यायन के मार्गदर्शन में 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) मुरली छपरा में कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम का गरिमामयी आयोजन किया गया। इस दौरान अस्पताल में जन्म लेने वाली नवजात बालिकाओं और उनकी माताओं का फूल-मालाओं से स्वागत करते हुए कन्या जन्म को एक उत्सव के रूप में मनाया गया।
नवजात बच्चियों को मिले उपहार, माताओं को मिला सम्मान
आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपस्थित नवजात बालिकाओं को बेबी किट, मच्छरदानी, डायपर, मिष्ठान एवं जलपान वितरित किया गया। इस अनूठी पहल से प्रसूता महिलाओं और उनके परिजनों के चेहरे खिल उठे। इसके साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित स्थानीय परिवारों को बालिकाओं के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, सुरक्षा तथा सरकार द्वारा संचालित विभिन्न महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं के बारे में विस्तार से जागरूक किया गया, ताकि समाज में बेटियों के प्रति किसी भी स्तर पर भेदभाव न हो।
अधिकारियों व चिकित्सकों ने दिया बेटियों के सशक्तिकरण का संदेश
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवनीति सिंह, डीएमसी अंजली सिंह, जेंडर स्पेशलिस्ट निकिता सिंह और सुमेश कुमार सहित अस्पताल के अन्य चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों ने नवजात बालिकाओं के परिजनों को बधाई दी। उपस्थित वक्ताओं ने बेटियों के सम्मान, शिक्षा, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण का संदेश देते हुए 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना और कन्या जन्म को उत्सव के रूप में मनाने की स्वस्थ परंपरा को बढ़ावा देना है।
