हाईलाइट्स:
- सपा का विधिक आक्रोश: भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर की गई कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर फेफना विधायक संग्राम सिंह यादव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल पहुंचा एसपी दफ्तर।
- तहरीर और साक्ष्य सुपुर्द: युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गिरी ने एसपी को सौंपे विधिक सबूत; तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज करने की पुरजोर व विधिक मांग।
- न्यायालय और सड़क की लड़ाई: सपा नेताओं की दो टूक—यदि बलिया पुलिस ने विधिक मुकदमा दर्ज नहीं किया, तो धारा १५६(३) के तहत जाएंगे कोर्ट, सड़कों पर होगा बड़ा आंदोलन।
बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): झारखंड से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे द्वारा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर की गई कथित अमर्यादित व अभद्र टिप्पणी का मामला अब उत्तर प्रदेश में पूरी तरह तूल पकड़ चुका है। इसी क्रम में बलिया जनपद के फेफना विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के लोकप्रिय विधायक संग्राम सिंह यादव के नेतृत्व में पार्टी का एक उच्च स्तरीय विधिक प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचा। सपा नेताओं ने सांसद के खिलाफ गंभीर विधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त वैधानिक कार्रवाई करने की जोरदार मांग उठाई है।
संविधान और संसदीय मर्यादाओं को तार-तार करने का विधिक आरोप
प्राप्त आधिकारिक व स्थलीय विवरण के अनुसार, फेफना विधायक संग्राम सिंह यादव और समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गिरी के संयुक्त नेतृत्व में दर्जनों सपा पदाधिकारियों ने बलिया एसपी को एक विधिक तहरीर और संबंधित साक्ष्य सौंपे। सपा नेताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और सार्वजनिक विधिक मंचों से सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के खिलाफ न केवल अत्यंत ओछी व अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया है, बल्कि उन्होंने देश के लोकतंत्र और संसदीय विधिक मर्यादाओं की गरिमा को भी पूरी तरह ठेस पहुंचाई है।
माफी का वक्त खत्म, अब धारा १५६(३) के तहत कोर्ट में खिंचेगी विधिक लकीर
सपा के तेजतर्रार युवा नेता अरविंद गिरी ने पत्रकारों से मुखातिब होते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि भाजपा सांसद की भाषा का स्तर बेहद गिरा हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस कप्तान को लिखित विधिक तहरीर के साथ पुख्ता इलेक्ट्रॉनिक सबूत सौंपकर तत्काल विधिक एफआईआर दर्ज करने का आग्रह किया गया है। यदि बलिया पुलिस राजनैतिक दबाव में आकर विधिक मामला दर्ज करने में आनाकानी करती है, तो समाजवादी पार्टी पूरी तरह तैयार है। वे विधिक प्रक्रिया के तहत धारा १५६(३) सीआरपीसी/बीएनएस के अंतर्गत सीधे माननीय न्यायालय की शरण में जाएंगे। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में साफ कर दिया कि यह लड़ाई केवल विधिक व कानूनी दायरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर सपा के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर व्यापक जन-आंदोलन छेड़ेंगे।
निशिकांत दुबे को शब्दों का शऊर नहीं, एसपी ने दिया विधिक आश्वासन
सांसद निशिकांत दुबे पर सीधा राजनैतिक हमला बोलते हुए युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गिरी ने कहा कि निशिकांत दुबे को विधिक व सामाजिक शब्दों का शऊर नहीं है। वे इस अमर्यादित टिप्पणी से केवल अखिलेश यादव का ही नहीं, बल्कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के पवित्र संविधान और भारतीय लोकतंत्र का विधिक अपमान कर रहे हैं, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फेफना विधायक संग्राम सिंह यादव ने टुडे९ उत्तरप्रदेश को बताया कि उन्होंने एसपी बलिया को पूरे राजनैतिक व विधिक प्रकरण की संवेदनशीलता से अवगत करा दिया है। मामले की विधिक गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने निष्पक्ष जांच और उचित विधिक कार्रवाई का भरोसा दिया है। बहरहाल, बात अब माफी से काफी आगे निकल चुकी है और जनपद में इस राजनैतिक व विधिक संग्राम को लेकर सियासी पारा चरम पर है।
