हाईलाइट्स:
- हाई प्रोफाइल मामला: पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ हत्याकांड के तार बलिया के शीतल दवनी गांव से जुड़े।
- सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल: सरेंडर से पहले फेसबुक पर वीडियो जारी कर मोनू ने खुद को बताया RSS का बेटा; मुकेश सिंह पर लगाए गंभीर आरोप।
- एनकाउंटर का डर: यूपी पुलिस पर अविश्वास जताते हुए देश के शीर्ष नेतृत्व से लगाई न्याय की गुहार, घर से सीसीटीवी डीवीआर ले गई सीबीआई।
बांसडीह रोड/बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): पश्चिम बंगाल के चर्चित चंद्रनाथ हत्याकांड की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, इसके तार उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से गहरे जुड़ते जा रहे हैं। हर बीतते दिन के साथ यह हाई प्रोफाइल मामला एक नया मोड़ ले रहा है। अब इस पूरे हत्याकांड में बलिया के बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के शीतल दवनी गांव के रहने वाले ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मोनू सिंह का नाम सामने आने से हड़कंप मच गया है। इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है कि पश्चिम बंगाल पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के रडार पर आए मोनू सिंह ने बलिया की गैंगस्टर कोर्ट में आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया है।
गैंगस्टर कोर्ट में मोनू सिंह का सरेंडर
मोनू सिंह के अधिवक्ता शार्दूल विक्रम सिंह ने बताया कि मोनू सिंह के खिलाफ पहले से ही उत्तर प्रदेश में एक मुकदमा दर्ज था, जिसमें कोर्ट से उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था। इसी पुराने मामले को आधार बनाकर मोनू सिंह ने स्वयं बलिया की गैंगस्टर कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। जहाँ तक पश्चिम बंगाल के चर्चित हत्याकांड में ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मोनू का नाम जुड़ने की बात है, तो इस बारे में फिलहाल आधिकारिक रूप से कोई खास जानकारी नहीं है। परिजनों के माध्यम से केवल यह पता चला था कि बंगाल पुलिस और एजेंसियां कई बार मोनू सिंह के घर आ चुकी थीं।
घर से डीवीआर ले गई सीबीआई, पत्नी को न्याय की उम्मीद
मोनू सिंह के सरेंडर करने के बाद उनकी पत्नी महिमा सिंह मीडिया के सामने आईं। महिमा ने पति के सरेंडर की पुष्टि करते हुए बंगाल पुलिस और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की कार्रवाई पर बड़ा बयान दिया है। महिमा सिंह ने कहा:
"आज मेरे पति ने बलिया कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। बंगाल हत्याकांड में मेरे पति का नाम क्यों और कैसे जुड़ा है, इस बारे में हमें कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। लेकिन पुलिस और सीबीआई की टीम हमारे घर पर 3 से 4 बार आ चुकी है। जांच एजेंसियां हमारे घर से सीसीटीवी का डीवीआर (DVR) भी अपने साथ ले गई हैं। मुझे सीबीआई पर पूरा भरोसा है कि वह निष्पक्ष जांच करेगी। मेरे पति पूरी तरह निर्दोष हैं और हमें न्याय जरूर मिलेगा।"
सरेंडर से ठीक पहले फेसबुक पर वीडियो जारी कर उठाए सवाल
अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने से ठीक पहले ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मोनू ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो संदेश जारी किया। इस वीडियो में मोनू सिंह ने देश के शीर्ष नेतृत्व से न्याय की गुहार लगाई है और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। वीडियो में मोनू ने कहा, "आदरणीय योगी जी, मोदी जी और सीबीआई महोदय से मेरा निवेदन है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।" मोनू का आरोप है कि उसे एक बड़ी राजनीतिक और आपराधिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है।
गांव के रसूखदार व्यक्ति पर साजिश रचने का आरोप
मोनू सिंह ने अपने ही गांव के प्रभावशाली व्यक्ति मुकेश सिंह पर सीधा निशाना साधते हुए कहा:
- अपराधिक इतिहास का दावा: मुकेश सिंह एक बेहद रसूखदार और पहुंच वाला व्यक्ति है, जिसके खिलाफ बलिया, गाजीपुर और लखनऊ में कम से कम 10 मुकदमे दर्ज हैं।
- पुलिस संरक्षण का आरोप: आपसी विवाद के कारण मुकेश सिंह उसे इस हाई प्रोफाइल मामले में घसीटना चाहता है। आपराधिक इतिहास होने के बावजूद स्थानीय पुलिस उसे पूरा सहयोग करती है और उसे पिस्तौल का लाइसेंस व गनर तक मुहैया कराया गया है।
- गाड़ी छोड़ने की बात कबूली: मोनू ने वीडियो में स्वीकार किया कि उसका एकमात्र कसूर यह था कि उसने मुकेश सिंह के कहने पर गाजीपुर में सिर्फ एक गाड़ी छोड़ी थी, और वह आगे की जांच में एजेंसियों का पूरा सहयोग करने को तैयार है।
'मैं भी आरएसएस का बेटा हूं, यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं'
गैंगस्टर मोनू ने वीडियो में भावुक होते हुए साफ तौर पर कहा कि वह अब भागते-भागते थक चुका है और कानून के सामने हाजिर होना चाहता था। लेकिन उसे उत्तर प्रदेश पुलिस पर बिल्कुल भरोसा नहीं है, क्योंकि विरोधी उसे रास्ते से हटाकर सच को मुकेश सिंह तक पहुँचने से रोकना चाहते थे और उसका एनकाउंटर कराना चाहते थे। खुद को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ा हुआ बताते हुए मोनू ने कहा, "मैं भी एक आरएसएस का बेटा हूं। मेरे बारे में भी पता किया जाए। मेरे ऊपर जो भी केस दिखाए जा रहे हैं, अगर सीबीआई उनकी निष्पक्ष जांच करेगी तो सच खुद-ब-खुद सामने आ जाएगा।"
यूपी से बंगाल तक पुलिस महकमे में खलबली
पश्चिम बंगाल के इस चर्चित हत्याकांड ने बंगाल की सियासत के साथ-साथ अब यूपी के पुलिस महकमे और सियासी गलियारों में भारी खलबली मचा दी है। बलिया के एक छोटे से गांव से जुड़े इस तार ने बड़ी जांच एजेंसियों को भी चकरा दिया है। अब देखना यह होगा कि गैंगस्टर कोर्ट बलिया में सरेंडर के बाद क्या पश्चिम बंगाल पुलिस या सीबीआई मोनू सिंह को रिमांड पर लेने के लिए बलिया कोर्ट का रुख करती है या नहीं।
