हाईलाइट्स:
• नगर पालिका में बड़ा घपला: बीजेपी नगर मंत्री व नामित सभासद रवि सोनी का आरोप— कागजों पर ४५० सफाई कर्मी, धरातल पर काम कर रहे मात्र २०० से २५०; फर्जी भुगतान का खेल।
• वार्ड १६ में विवाद: सफाई कर्मियों की टोली नायक से सूची मांग रहे रवि सोनी के साथ स्थानीय सभासद संजय यादव पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप।
• डीएम की चौखट पर न्याय: पीड़ित सभासद ने जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर अपनी जान-माल की सुरक्षा और पूरे भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलिया नगर पालिका परिषद में सफाई व्यवस्था और कर्मियों के वेतन भुगतान के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता का एक बेहद गंभीर मामला प्रकाश में आया है। इस कथित घोटाले और धांधली के खिलाफ आवाज उठाने और सबूत मांगने पर भारतीय जनता पार्टी के नगर मंत्री व नगर पालिका के नामित सभासद रवि सोनी को जान से मारने की धमकी दी गई है। पीड़ित सभासद ने इस पूरे मामले को लेकर जिलाधिकारी बलिया से मुलाकात कर उन्हें एक लिखित शिकायती पत्र सौंपा है, जिसमें उन्होंने अपनी सुरक्षा की गुहार लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
वार्ड नंबर १६ में औचक निरीक्षण के दौरान हुई बदसलूकी
जिलाधिकारी को दिए गए पत्र में नामित सभासद रवि सोनी ने बताया कि वे नगर पालिका परिषद के सभी २५ वार्डों में आम जनमानस की सहूलियत के लिए सफाई व्यवस्था और पेयजल की जमीनी स्थिति की निरंतर जांच कर रहे थे। इसी क्रम में, बीते १३ जून को जब वे वार्ड नंबर १६ में पहुंचे और वहां तैनात सफाई कर्मियों की वास्तविक स्थिति और उपस्थिति की जानकारी वहां के टोली नायक (सुपरवाइजर) से ले रहे थे, तभी वहां के स्थानीय निर्वाचित सभासद संजय यादव वहां पहुंच गए। आरोप है कि संजय यादव ने रवि सोनी के साथ सरेआम गाली-गलौज और बेहद अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया।
"हाथ-पैर तोड़कर जान से मार देंगे..." सभासद पर दबंगई का आरोप
रवि सोनी का गंभीर आरोप है कि सभासद संजय यादव ने उन्हें सार्वजनिक रूप से धमकी देते हुए कहा कि यदि वे दोबारा इस वार्ड में सफाई व्यवस्था की जांच करने या कर्मियों का ब्योरा मांगने दिखाई दिए, तो उनके हाथ-पैर तोड़ दिए जाएंगे और उन्हें जान से मार दिया जाएगा। इस अप्रत्याशित और हिंसक धमकी के बाद पीड़ित ने तत्काल इसकी मौखिक सूचना नगर पालिका अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी (EO) को भी दी, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई या जांच शुरू नहीं की गई, जिससे भ्रष्टाचारियों के हौसले और बुलंद हो गए।
कागजों पर ४५० कर्मी, मौके पर आधे; हर महीने लाखों के फर्जी वारे-न्यारे
सफाई व्यवस्था में चल रहे इस कथित 'हाजिरी खेल' का पर्दाफाश करते हुए रवि सोनी ने बताया कि वार्ड नंबर १६ में नियमों के मुताबिक कम से कम १६ सफाई कर्मियों की तैनाती होनी चाहिए थी, लेकिन उनके औचक निरीक्षण में मौके पर मात्र ६ कर्मी ही काम करते पाए गए।
उन्होंने पूरे नगर पालिका क्षेत्र का हवाला देते हुए एक बड़ा दावा किया कि:
• वर्तमान में पूरे बलिया नगर क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में कागजों पर लगभग ४५० सफाई कर्मी तैनात दिखाए गए हैं और उनके नाम पर सरकारी खजाने से नियमित भुगतान निकाला जा रहा है।
• लेकिन यदि धरातल पर औचक जांच की जाए, तो मौके पर मात्र २०० से २५० कर्मी ही वास्तव में काम करते नजर आते हैं।
• लगभग १५० से २०० 'फर्जी' लोगों का भुगतान बिना काम किए ही फर्जी मस्टररोल और फर्जी हाजिरी के जरिए हर महीने निकाला जा रहा है, जिसमें अधिकारियों और टोली नायकों की मिलीभगत की पूरी आशंका है।
सूची सौंपने और उच्चस्तरीय जांच की उठी मांग
बीजेपी नेता रवि सोनी ने जिलाधिकारी को सौंपे पत्र में मांग की है कि उन्हें नगर पालिका के सभी २५ वार्डों में तैनात सफाई कर्मियों और उनके टोली नायकों की प्रमाणित आधिकारिक सूची उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही, उन्होंने अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने और इस पूरे सिंडिकेट व भ्रष्टाचार की निष्पक्ष मजिस्ट्रेट जांच कराकर सरकारी धन का गबन करने वाले दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की पुरजोर मांग की है।
