बलिया (टुडे९ उत्तरप्रदेश): जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बुधवार को तहसील सदर के अंतर्गत ग्राम जमुआ में 'अमृत 2.0' कार्यक्रम के तहत प्रस्तावित जल शोधन संयंत्र (डब्ल्यूटीपी) निर्माण स्थल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना से संबंधित भूमि हस्तांतरण एवं अन्य आवश्यक कागजी प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
नगर पालिका क्षेत्र के 20,603 घरों को मिलेगा शुद्ध पानी
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि नगर पालिका परिषद बलिया के लिए जिलापूर्ति योजना की कार्ययोजना ट्रांच-1 में स्वीकृत की गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना के पूर्ण होने पर नगर पालिका क्षेत्र के लगभग 20,603 घरों को सीधे शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी, जिससे शहरवासियों को पानी की समस्या से बड़ी निजात मिलेगी।
योजना के तहत क्या-क्या होगा निर्माण?
इस बड़ी जल शोधन परियोजना के अंतर्गत निम्नलिखित संरचनाओं का निर्माण प्रस्तावित है:
- जल शोधन संयंत्र (WTP): 35 एमएलडी (MLD) क्षमता का एक आधुनिक वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट।
- इंटेक वेल: 53 एमएलडी क्षमता का एक मजबूत इंटेक वेल।
- ओवरहेड टैंक (OHT): लगभग 1000 केएल (KL) क्षमता का एक विशाल शिरोपरी जलाशय (पानी की टंकी)।
- वितरण प्रणाली: लगभग 115 किलोमीटर लंबी नई वितरण पाइपलाइन।
- राइजिंग मेन: करीब 21 किलोमीटर लंबी राइजिंग मेन लाइन का निर्माण।
डीएम ने अधिकारियों को दिए तत्काल कार्रवाई के आदेश
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने जल शोधन संयंत्र, इंटेक वेल एवं शिरोपरी जलाशय निर्माण के लिए चिन्हित भूमि से संबंधित प्रस्तावों पर तत्काल आदेश जारी करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) के अधिशासी अभियंता को परियोजना का फाइनल प्राक्कलन (Estimate) एवं डिजाइन तैयार करने की कार्रवाई तत्काल प्रारंभ करने को कहा, ताकि धरातल पर निर्माण कार्य समयबद्ध ढंग से शुरू किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे), तहसीलदार सदर, उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) के अधिकारी, राजस्व विभाग की टीम सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

